नवादा। राज्य सरकार एक ओर जहां शिक्षा में गुणात्मक सुधार और इसके विकास के दावे और वादे कर रही है। परंतु कौआकोल प्रखंड के मंझिला पंचायत अंतर्गत उत्क्रमित मध्य विद्यालय बिन्दीचक में सरकार के तमाम दावे खोखले साबित हो रहे हैं। यहां छात्रों को न तो अच्छी शिक्षा नसीब हो रही है और न ही विभिन्न विषयों के शिक्षक ही। आलम यह है कि स्कूल मात्र दो शिक्षकों के भरोसे चल रहा है। जिन पर विद्यालय के तीन से छात्रों के पठन-पाठन का जिम्मा है। इसी स्थिति में सवाल यह है कि स्कूल में पढ़ने वाले छात्रों को किस प्रकार की शिक्षा मिल रही होगी। दरअसल,

प्रखंड के मंझिला पंचायत की उत्क्रमित मध्य विद्यालय बिन्दीचक में छात्र के अनुपात में शिक्षकों का घोर आभाव है। इससे छात्र गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से वंचित हो रहे हैं। विद्यालय में छात्रों की संख्या तीन सौ के आस पास है। जबकि उन्हें पढ़ाने वाले गुरू जी सिर्फ दो ही हैं। इधर ग्रामीणों को कहना है कि उन्होंने कई बार विभाग का ध्यान इस ओर दिलाने की कोशिश की और उनसे स्कूल में शिक्षक मुहाया कराने की अपील की। लेकिन बार-बार के प्रयास के बाद भी विद्यालय में शिक्षकों की संख्या में वृद्धि नहीं की गई है। नतीजा सिर्फ दो शिक्षकों के सहारे तीन सौ छात्रों का भविष्य गढ़ा जा रहा है। जिससे अभिभावकों में व्यवस्था के प्रति असंतोष पनपने लगा है। इस संबंध में पूछे जाने पर कौआकोल के प्रभारी बीईओ अरविन्द कुमार भारती ने व्यवस्था में कमी की बात को स्वीकार करते हुए कहा कि छात्रों के भविष्य को लेकर विभाग गंभीर है और जल्द ही वरीय पदाधिकारियों से विमर्श कर विद्यालय में शिक्षकों की कमी को दूर करने का प्रयास किया जाएगा।

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