बिहारशरीफ। प्रखंड स्थित ई किसान भवन में पंचायत समिति की बैठक मंगलवार को गहमा-गहमी के बीच सम्पन्न हो गई। बैठक की अध्यक्षता प्रमुख निर्मला देवी ने की। यह बैठक हंगामेदार रही। बैठक की शुरुआत होते ही मुखिया ने अपने पंचायत के अधिकार से वंचित को लेकर मुद्दा सदन के पटल पर रखा। वही पंचायत समिति अपने क्षेत्र में विकास की राशि नहीं मिलने का सदन के सामने जोरदार मुद्दा उठाया। बैठक में नहीं आने वाले बिजली विभाग के पदाधिकारी का वेतन बंद करने व इसकी शिकायत जिला पदाधिकारी के पास भेजने का प्रस्ताव लिया गया। वहीं अंचल कार्यालय में भ्रष्टाचार के मुद्दे पर लेकर हंगामा किया गया। बैठक में पीएचडी विभाग में हो रहे घपले का मुद्दा उठाते हुए मुखिया मणिकांत मनीष, राजबल्लभ ¨सह, पंस सदस्य दया शंकर यादव, अनिल कुमार, मनीष कुमार ने कहा कि प्रखंड में चापाकल घोटाले की बू आ रही है। कई चापाकल स्थल पर नहीं गड़कर कागज पर चापाकल उस स्थल का दिखा दिया जाता है। जितने भी पीएचडी विभाग से चापाकल गाड़ा गया है वो सभी चापाकल गाड़ने के दस दिन बाद ही खराब हो गया। कई स्कूल के बच्चे चापाकल खराब होने से घर की ओर पानी पीने के लिए चले जाते हैं। कहा कि पीएचडी विभाग में अकुशल मिस्त्री रहने से चापाकल की मरम्मती ठीक से नही हो पा रही है। बीडीओ विशाल आनंद ने दस दिन के अंदर स्कूल में खराब चापाकल को मरम्मती करने का निर्देश दिया। आंगनवाड़ी पर मुद्दा उठाते हुए मुमुखिया ने कहा कि पूर्व के बना कई आंगनबाड़ी भवन अभी तक अधूरा है। पंचायत में इसका कोई कागजात नहीं है। अधूरा भवन को जल्द पूरा किया जाय। बीडीओ ने कहा कि पंचायत सचिव को जल्द भवन को पूरा करने का निर्देश दिया।

जविप्र में घोटाले को लेकर मचा बवाल

पंस सदस्य की बैठक में जनवितरण में मृत्य व्यक्ति के लाभ उठाने का मामला उठाया गया। नरसंडा मुखिया राजबल्लभ ¨सह ने कहा कि उनके पंचायत में मुर्दे लोग भी जनवितरण प्रणाली से अनाज का लाभ उठा रहे है। एमओ से कई बार लाभुक की सूची की मांग की गई लेकिन आज तक सूची उपलब्ध नहीं कराई गई। वही तुलसी पंचायत मुखिया मणिकांत मनीष ने कहा कि पंचायत में किरासन की कीमत लाभुक से ज्यादा वसूला जा रहा है। डेढ़ लीटर की कीमत चालीस रुपया है लेकिन लाभुक से पचास रुपए की वसूली की जा रही है। जनवितरण प्रणाली की दुकान में चार माह से लाभुक को अनाज नहीं दिया गया है। लेकिन लाभुक के किताब में चारों माह को भर दिया गया है जिसकी जांच भी एमओ द्वारा किया गया था। एमओ मीनाक्षी कुमारी ने कहा कि जांच कर रिपोर्ट एसडीओ को भेज दी गई है।

योजना के लिए हुई नोकझोंक पंस की बैठक में पंचवी वित्त की राशि को विकास में खर्च करने को लेकर प्रमुख व पंस सदस्या के बीच तू तू मैं मैं होने लगा। सालेहपुर पंस सदस्य ऋतु कुमारी ने मुद्दा उठाते हुए कहा कि हमें जनता ने पंचायत में कार्य करने के लिए पांच साल के लिए चुना है। लेकिन ढाई साल बीत जाने के बाद भी अभी तक फूटी कौड़ी भी विकास की राशि नहीं दी गई है। इसी बात को लेकर प्रमुख और पंस सदस्य के बीच तू तू मैं होने लगा। इसी बीच कुछ पंचायत समिति ने प्रमुख का कक्ष अलग करने की मांग की। जिसमें उप प्रमुख राजकुमार यादव ने कहा कि दोनों का चैम्बर एक ही कक्ष में होना चाहिए। मौके पर उपप्रमुख राजकुमार यादव, पीओ धीरज कुमार सिन्हा, बीएचओ डॉ प्रभात कुमार, रेफरल अस्पताल प्रभारी डॉ परमेशर प्रसाद, जेएसएस धर्मजय, आवास पर्यवेक्षक संदीप कुमार, शौचालय समन्वयक नगेन्द्र कुमार सहित अन्य पदाधिकारी व मुखिया पंचायत समिति मौजूद थे।

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