नालंदा इंजीनियरिंग कॉलेज में छात्रा की मौत के बाद उपद्रव, प्राचार्य का जैकेट भी ले भागे छात्र
नालंदा इंजीनियरिंग कॉलेज में छात्रा सोनम कुमारी की संदिग्ध मौत के बाद कॉलेज में उपद्रव हुआ। छात्रों ने आगजनी और तोड़फोड़ की, जिससे कॉलेज को करोड़ों का नुकसान हुआ। प्राचार्य का जैकेट भी चोरी हो गया। जांच में सोनम की आत्महत्या की आशंका जताई जा रही है, क्योंकि वह अपनी शैक्षणिक प्रगति से असंतुष्ट थी और नर्सिंग परीक्षा में भी असफल रही थी।

संवाद सूत्र, चंडी (नालंदा)। चंडी स्थित नालंदा कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग (एनसीई) के बीटेक - 2024 की सिविल इंजीनियरिंग की छात्रा सोनम कुमारी की हॉस्टल की छत से गिरकर हुई मौत के बाद कालेज में हुए उपद्रव के दौरान, आगजनी कर वाहनों को जलाना, कॉलेज भवन में आग लगाने के अलावा कीमती सामान भी गायब किए।
उपद्रवी विद्यार्थियों ने प्राचार्य का जैकेट भी ले भागे। इसका खुलासा शुक्रवार को तब हुआ जब प्राचार्य डॉ. गोपाल नंदन ने ठंड बढ़ने पर सरकारी आवास में अपना जैकेट ढूंढा। प्राचार्य ने बताया कि दस हजार रुपए का जैकेट था। अन्य उपकरणों के साथ बदमाश छात्र जैकेट भी ले भागे।
बीस करोड़ का नुकसान पहुंचाया
प्राचार्य ने बताया कि आगजनी और तोड़फोड़ कर उपद्रवी विद्यार्थियों ने कालेज को बीस करोड़ रुपए से नुकसान पहुंचाया है। इसमें सिर्फ सवा करोड़ रुपए के कंप्यूटर को नुकसान पहुंचाया है। एक सौ पीसी में अधिकतर गायब हैं। कुछ के महत्वपूर्ण पुर्जे चोरी कर लिए। कई को जलाया गया।
उन्होंने बताया कि प्रत्येक कंप्यूटर सवा लाख रुपए में खरीदी गई थी। प्राचार्य ने कहा कि आगजनी में भवन की दीवारों, खिड़कियों और दरवाजों को काफी नुकसान पहुंचाया गया। इन सबकी मरम्मत करवाने में बीस लाख रुपए खर्च होने का अनुमान है।
अभी इन सब के लिए कोई निधि नहीं दी गई है। विद्यार्थियों के आपराधिक आचरण से विभागीय अधिकारियों के मन भी खिन्न हैं। उपद्रव के कारण कालेज काफी पीछे चला गया।
दो बिंदुओं पर आगे बढ़ रही जांच
सोनम की मौत अभी भी रहस्य बना हुआ है। वह धोखे से गिरी या कूदकर जान दे दी, इसका खुलासा स्पष्ट रूप से नहीं हो पाया है। कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के लिए छत से गिरने और कूदने के दृश्य का पुनर्निर्माण भी किया गया। लेकिन अनुसंधान में मिल रहे तथ्य आत्महत्या की ओर इशारा कर रहे हैं। थानाध्यक्ष ने बताया कि सोनम के जिन दोस्तों से बात होती थी, उनमें एक दोस्त पुलिस के समक्ष आया है।
घटना से पूर्व 24 सितंबर को उसने उसे छह बार फोन कॉल की थी। उस दोस्त ने पुलिस को कुछ महत्वपूर्ण जानकारी दी है। इस कारण इस केस में एक और मोड़ जुड़ गया है। उस लड़के की बहन से सोनम की दोस्ती थी।
पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि सोनम अपने शैक्षणिक प्रगति से संतुष्ट नहीं थी। वह नर्सिंग करने का भी प्रयास कर रही थीं। नर्सिंग में एंट्रेंस का टेस्ट सेंटर पर देर से पहुंचीं थीं, इस कारण उन्हें परीक्षा में बैठने नहीं दिया गया। इस कारण वह परेशान थीं।

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