जागरण संवाददाता, बिहारशरीफ : 29 सितंबर को थरथरी एवं गिरियक प्रखंड में होने वाले पंचायत चुनाव को लेकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। इन प्रखंडों से लगने वाली सड़क सीमाओं को सील कर वाहनों की जांच पड़ताल शुरू कर दी गई है। चेकप्वाइंट पर दंडाधिकारी एवं पुलिस अधिकारी की 24 घंटे ड्यूटी लगा दी गई है। सहायक जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह जिला पंचायत राज पदाधिकारी नवीन कुमार पांडेय ने बताया कि पंचायत चुनाव में आग्नेयास्त्रों की आवाजाही एवं असामाजिक तत्वों पर नियंत्रण रखने के लिए डीएम योगेंद्र सिंह एवं एसपी हरि प्रसाथ एस ने इन दोनों प्रखंडों के प्रवेश मार्गों को सील करने के संयुक्त आदेश जारी किए हैं। हर हाल में स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं भयमुक्त मतदान कराने के लिए जिला प्रशासन कटिबद्ध है। दोनों प्रखंडों में नामांकन का कार्य समाप्त हो गया है। 18 सितंबर को उम्मीदवारों को सिबल अधिकृत कर दिया जाएगा। उसके बाद उम्मीदवार चुनाव चिन्ह के साथ प्रचार शुरू करेंगे। 27 सितंबर की शाम 5 बजे चुनाव प्रचार समाप्त हो जाएगा। ईवीएम की कमीशनिग के लिए दोनों प्रखंडों में बज्र गृह का निर्माण हो रहा है। बीटेक व एमबीए करके मुखिया बनने आए गांव जागरण टीम, बिहारशरीफ/ थरथरी : पंचायत चुनाव में ऊंची व तकनीकी डिग्रीधारी भी पंचायत की राजनीति में करियर बनाने के लिए नामांकन का पर्चा दाखिल किया है। थरथरी प्रखंड के कचहरिया गांव निवासी अभिसन्यु कुमार ऐसी ही शख्सियत हैं। इन्होंने मैकेनिकल इंजीनियरिग में बीटेक एवं मार्केटिग एंड ऑपरेशन से एमबीए की डिग्री हासिल करने के बाद कचहरिया पंचायत से मुखिया पद के लिए नामांकन का पर्चा दाखिल किया है। इनका मानना है कि राजनीति में पढ़े-लिखे लोगों की कमी होती जा रही है या फिर वे राजनीति में आना नहीं चाहते। कहा,मैं देश की राजनीति में शामिल होना चाहता हूं, लेकिन शुरुआत गांव से कर रहा हूं। कहा, आगे चलकर राजनीति की गहरी समझ हो सके, इसलिए पंचायत स्तर से शुरुआत की है। अविवाहित अभिसन्यु ने बताया कि युवाओं को राजनीति में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेना चाहिए। अभिसन्यु के पिता अरुण दास महतो किसान एवं मां सीता देवी गृहिणी हैं।

बताया कि इन्होंने 2016 में तमिलनाडु के एसआरएम यूनिवर्सिटी, चेन्नई से बीटेक किया था। उसके बाद दो साल निजी कम्पनी में नौकरी की। नौकरी छोड़कर साल 2020 में लखनऊ के डॉ एपीजे अब्दुल कलाम टेक्निल यूनिवर्सिटी से एमबीए की डिग्री हासिल की। अब वे मुखिया पद के लिए नामांकन के बाद युवाओं को राजनीति में आने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।

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