बिहारीशरीफ। विपक्षी दल के भारत बंद का नालंदा जिले में मिलाजुला असर रहा। हालांकि इस्लामपुर, हिलसा, राजगीर, गिरियक आदि प्रखंडों में बंद का आंशिक रूप से असर दिखा। लोगों ने खुद ही अपनी दुकानें बंद रखी। बता दें कि पेट्रोल-डीजल, रसोई गैस के अलावा जनोपयोगी वस्तुओं की बढ़ती कीमत के विरोध में राजद-कांग्रेस, लोकतांत्रिक जनता दल, माले सहित कुल 20 राजनीतिक दल के नेता व कार्यकर्ता सड़क पर उतरे और केन्द्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। कार्यकर्ताओं ने शहर के हास्पीटल मोड़, सोहसराय, देवीसराय चौक, मोरा तालाब, खंदकपर आदि जगहों में विरोध स्वरूप आगजनी कर केन्द्र सरकार पर जमकर हमला किया। राजगीर, इस्लामपुर व हिलसा में घंटों ट्रेनें रोकी गई। भारत बंद के दौरान वाहनों की संख्या सड़क पर बहुत कम दिखी। अधिकांश बसों व चार पहिया वाहन के साथ आटो का भी परिचालन भी ठप रहा। बंद समर्थक शांतिप्रिय तरीके से जुलूस निकाल कर लोगों को बंद में सहयोग करने की अपील कर रहे थे। कांग्रेस के जिलाध्यक्ष दिलीप कुमार ने कहा कि केन्द्र सरकार की गलत नीति के कारण आज पेट्रो पदार्थ के साथ सभी जनोपयोगी वस्तुओं में अप्रत्याशित वृद्धि हुई। महंगाई के कारण आम लोगों की कमर टूट गई है। चार साल की सरकार में 50 से ज्यादा बार डीजल-पेट्रोल की कीमत में बढ़ोत्तरी हुई है। यहीं नहीं सरकार का महंगाई पर कहीं से भी नियंत्रण नहीं है। राजद के जिलाध्यक्ष हुमायूं अख्तर तारीक ने कहा कि केन्द्र सरकार पूंजीपतियों की सरकार बन कर रह गई है। गरीब व आम जनता से उन्हें कुछ लेना-देना नहीं है। आज सरकार की गलत नीतियों के कारण ही एक साथ विपक्ष के 20 राजनीतिक दल सड़क पर उतर कर सरकार को जगाने का काम कर रहे हैं। इधर लोकतांत्रिक जनता दल के जिलाध्यक्ष कमलेश अजगर ने कहा कि आसमान छू रही महंगाई के कारण मेहनतकश लोगों पर व्रजपात हुआ है। महंगाई में अप्रत्याशित वृद्धि कर मोदी सरकार ने खुद अपनी कब्र खोद ली है। मौके पर युवा नेता चौधरी चरण ¨सह, राजकुमार यादव, गणेश यादव, उपेन्द्र यादव, रजनीश यादव, अवधेश यादव आदि उपस्थित थे।

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