जागरण संवाददाता, बिहारशरीफ: कुदरत के साथ कदमताल करने का मौका इंसान को कभी-कभी मिलता है। ऐसे में प्राकृतिक सौंदर्य के अद्भुत नजारे अपने आप में समेटे हुए पर्यटन स्थल पांडु पोखर एडवेंचरस टूरिज्म का बहुत बड़ा विकल्प बन सकता है।

वाटर स्पो‌र्ट्स, रोमांच, एंटरटेनमेंट व ठहराव का लुत्फ उठाना हो सीधे चले आइए पांडु पोखर। ओपन ब्रिक्स आर्किटेक्ट देखकर आप दंग रह जाएंगे। सबसे पहले आपको मिलेगा टिकट काउंटर जहां से अंदर दाखिल होने के लिए आपको वाइटबैंड दिया जाएगा। सोमवार से शुक्रवार तक कम शुल्क लगता है जबकि शनिवार व रविवार को थोड़ा ज्यादा खर्च करना पड़ेगा। टिकट की जगह आपके हाथों में वाइट बैंड बांधा जाएगा। अगर आप येलो बैंड बांधना चाहते है तो अन्य इवेंट व एक्टिविटी में भी शामिल हो सकते हैं। आप जी भर के इंडोर, आउटडोर व रोमांच का मजा ले सकते है। ग्रीन बैंड से आप बोटिग का मजा ले सकते है। सिल्वर बैंड थोड़ा महंगा है।

इसमें जोरबिग कैप्सूल, डबल पैडल, हॉर्स राइडिग व स्पेशल बोटिग का मजा ले सकते है। गोल्डन बैंड सबसे महंगा है। इस बैंड की खासियत है कि आपको लंच व हाई-टी के साथ सभी प्रकार की एक्टिविटीज की इजाजत है। ये एक्टिविटी हैं मौजूद

बोटिग, बुल राइड, हॉर्स राइडिग, बंजी जम्पिग, ट्रमपोलिन, बाउंसी, चिल्ड्रन प्ले जोन, इमू जोन, मिनी •ाू,सेल्फी प्वाइंट, क्रिकेट, बैडमिटन, फुटबॉल, बास्केट बॉल व वालीबॉल का लुत्फ उठा सकते है। साथ ही जिप्लिन, बर्मा ब्रिज, वाटर रॉलर, जोरबिग बाल व डबल पैडल साइकिल का आनंद उठा सकते हैं। चंडीगढ़ के रॉक गार्डन की तरह है पांडु पोखर

पांडु पोखर में प्रवेश करते ही सहसा आपको चंडीगढ़ के रॉक गार्डन की याद आ जाएगी। अगर आपको थकान लगे तो संगीत की मीठी आवाज व पानी के फव्वारे के बीच बैठकर आराम कर सकते हैं। सॉफ्ट म्यूजिक के बीच सुकून से बैठने का अपना ही मजा है। अगर भूख का अहसास हो तो आप अंदर बने रेस्तरां की ओर रुख कर सकते हैं। साथ ही पीपल वृक्ष के नीचे भगवान बुद्ध की मूर्ति व तालाब के बीच पांडु महाराज की 60 फीट उंची प्रतिमा भव्यता का अहसास कराती है। पांडु पोखर परिसर में हर चीज व्यवस्थित दिखेगी। चारों ओर फैली पहाड़ियां बेहतरीन अहसास कराती हैं।

ठहराव की बेहतर व्यवस्था

अगर आपको लगे कि इस प्राकृतिक सौंदर्य के बीच काश ठहराव की भी व्यवस्था होती तो मजा आ जाता। इसकी भी व्यवस्था है। बस,आपको अपनी जेब थोड़ी ढीली करनी होगी। जनरल मैनेजर प्रभाष कुमार ने बताया कि ठहराव की व्यवस्था काफी अच्छी है। अगर आप ग्रुप में हैं या फैमिली के साथ हैं तो काफी मजा आएगा। ए.सी. टेंट के लिए पांच हजार रुपये प्लस जीएसटी, सूट रूम के लिए सात हजार प्लस जीएसटी देना होगा। हालांकि यह दर फाइनल नहीं है।

जानें पांडु पोखर का इतिहास

पांडु पोखर 22 एकड़ इलाके में फैला है। कहा जाता है कि इस जगह का इस्तेमाल पांडवों के पिता महाराज पांडु अस्तबल के तौर पर करते थे। कालांतर में इसमें बारिश और पहाड़ी स्रोतों से पानी भर गया और झील का रूप ले लिया। वहीं कई इतिहासकारों का कहना है कि पांडव के पिता महाराज पांडु यहां स्नान करने आते थे। इसलिए इसका नाम पांडु पोखर पड़ा।

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