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नालंदा से राजगीर और पटना का सफर होगा महंगा, नूरसराय में बनेगा टोल प्लाजा

Published: Sun, 06 Sep 2026 04:08 PM (IST)

बिहार कैबिनेट के फैसले के बाद एसएच-78 पर नूरसराय के पास टोल प्लाजा लगेगा, जिससे पटना और राजगीर का सफर ...और पढ़ें

एआई जनरेटेड फोटो

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HighLights

  1. एसएच-78 पर नूरसराय के पास बनेगा नया टोल प्लाजा।

  2. राजगीर और पटना जाने वाले यात्रियों का सफर होगा महंगा।

  3. एनएच-20 पैठना टोल से बचने का विकल्प भी अब खत्म।

जागरण संवाददाता, बिहारशरीफ। एनएच-20 के पैठना टोल से बचने के लिए एसएच-78 यानी बिहटा-सरमेरा पथ से पटना या अन्य रूटों की ओर जाने वालों का सफर अब महंगा होने वाला है। बिहार कैबिनेट के स्टेट हाईवे पर टोल वसूली के फैसले के तहत एसएच-78 पर नूरसराय के पास टोल प्लाजा लगाने की तैयारी है।

वहीं, दूसरी ओर, टूरिस्ट वे ऑफ राजगीर रूट से राजगीर जाने वालों के लिए भी जेबें ढीली होने वाली हैं।ऐसे में एनएच-20 के पैठना टोल से बचने के लिए जिस वैकल्पिक रास्ते को वाहन चालक अपना रहे हैं, वहां भी जेब ढीली करनी पड़ेगी।

खास बात यह है कि पैठना टोल प्लाजा शुरू होने के बाद एसएच-78 पर वाहनों की आवाजाही 20 गुना से अधिक बढ़ चुकी है। बिहटा-सरमेरा एसएच-78 नालंदा के लिए बेहद महत्वपूर्ण मार्ग है।

इसी कॉरिडोर से आगे नूरसराय, पटना, मोकामा, हाजीपुर की ओर आवागमन होता है। नूरसराय तिमुहाना के पास टोल प्लाजा बनाने से टूरिस्ट वे ऑफ राजगीर से होकर राजगीर जाने वाले पर्यटकों को भी सफर महंगा हो जाएगा।

20 गुना बढ़ा वाहनों का दबाव

एनएच-20 पर पैठना टोल प्लाजा शुरू होने के बाद एसएच-78 पर यातायात का दबाव तेजी से बढ़ा है। टोल से बचने वाले वाहनों के अलावा राजगीर और नालंदा आने-जाने वाले पर्यटक भी इस मार्ग को सुविधाजनक विकल्प के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं। यही वजह है कि नूरसराय के पास टोल प्लाजा का प्रस्ताव इस बढ़े यातायात को देखते हुए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

दूसरे चरण में एसएच-71 भी दायरे में

राज्य सरकार ने स्टेट हाईवे पर टोल वसूली की व्यापक व्यवस्था की है। कैबिनेट ने 55 राज्य उच्च पथों और 44 बड़े पुलों पर टोल वसूली के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। टोल बूथों के निर्माण के लिए भी राशि स्वीकृत की गई है।

एसएच-78 के बाद दूसरे चरण में जहानाबाद-पार्वती एसएच-71 पर भी टोल वसूली की तैयारी है। इससे नालंदा और आसपास के जिलों से होकर गुजरने वाले वाहन चालकों पर सड़क उपयोग का अतिरिक्त शुल्क लगने की संभावना है।

एनएच से बचेंगे तो एसएच भी नहीं छोड़ेगा

अब तक एनएच पर टोल से बचने के लिए वाहन चालक स्टेट हाईवे का इस्तेमाल करते थे। लेकिन, नई व्यवस्था के बाद यह विकल्प भी महंगा होगा। राज्य सरकार ने जुलाई में बिहार पथ उपयोगकर्ता शुल्क (दरों का निर्धारण एवं संग्रहण) नियमावली-2026 को मंजूरी दी थी।

इसके तहत स्टेट हाईवे पर भी वाहन के प्रकार के अनुसार शुल्क तय किया गया है। हल्के वाहनों के लिए 1.25 रुपये प्रति किलोमीटर और भारी वाहनों के लिए अधिक दर निर्धारित की गई है।

पर्यटकों पर भी असर

राजगीर, नालंदा विश्वविद्यालय, अंतरराष्ट्रीय खेल परिसर और अन्य पर्यटन स्थलों की ओर बढ़ते यातायात को देखते हुए एसएच-78 पर टोल का सीधा असर पर्यटकों, व्यावसायिक वाहनों और नियमित यात्रियों पर पड़ेगा।

आने वाले दिनों में नूरसराय के पास टोल प्लाजा बनने के साथ एनएच-20 और एसएच-78 के बीच टोल से बचने के लिए होने वाला रूट डायवर्जन भी लगभग खत्म हो जाएगा।

कहां जाता है एसएच-71 

स्टेट हाईवे 71 मुख्य रूप से जहानाबाद से पार्वती (नवादा) तक जाता है। इसकी कुल लंबाई लगभग 85 किलोमीटर है। जहानाबाद से घोसी, इस्लामपुर, राजगीर, गिरियक, कतरीसराय होते हुए यह पथ पर्वती तक जाता है।

बिहार राज्य के जिन 55 एसएच पर पहले चरण में टोल शुल्क लेने की शुरुआत की जानी है, उनमें एसएच-78 भी शामिल है। नालंदा जिले में इसके अलावा एसएच 71 व एसएच-4 के अलावा टूरिस्ट वे ऑफ राजगीर पथ राज्य सरकार के अधीन हैं। -विकास चंद्र, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर, आरसीडी