बिहार में नीट परीक्षा में धांधली की बड़ी साजिश नाकाम, सॉल्वर गैंग के 7 गुर्गे गिरफ्तार
नालंदा पुलिस ने नीट परीक्षा में धांधली करने वाले सॉल्वर गैंग के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो दिनों में सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

सांकेतिक तस्वीर

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जागरण संवाददाता, नालंदा। नीट परीक्षा में धांधली कराने वाले संगठित सॉल्वर गैंग के खिलाफ नालंदा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो दिनों में सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पहले दिन वाहन जांच के दौरान तीन आरोपियों को दबोचा गया, जबकि दूसरे दिन उनसे मिली जानकारी के आधार पर गठित विशेष टीम ने चार अन्य आरोपियों को प्रदेश के विभिन्न जिलों से गिरफ्तार किया। जबकि मामले में मुख्य सरगना समेत अन्य की तलाश के लिए पुलिस कर रही है छापेमारी ।
बता दें कि 02/03 मई 2026 की रात पावापुरी थाना क्षेत्र में चलाए जा रहे सघन वाहन जांच अभियान के दौरान यह बड़ी सफलता हाथ लगी। राजगीर डीएसपी सुनील कुमार सिंह के नेतृत्व में गिरियक, राजगीर और पावापुरी थाना की संयुक्त टीम पावापुरी मोड़ पर वाहनों की जांच कर रही थी। इसी दौरान एक संदिग्ध स्कॉर्पियो और ब्रेजा कार को रोका गया।
पुलिस को देखते ही भागने लगे
पुलिस को देखते ही वाहन सवार युवक घबराकर भागने लगे, लेकिन टीम ने तत्परता दिखाते हुए तीनों को मौके पर ही दबोच लिया। तलाशी के दौरान गाड़ी के डैशबोर्ड के नीचे छिपाकर रखे गए 2.95 लाख रुपये नकद, मोबाइल फोन, फर्जी नीट एडमिट कार्ड, स्कैनर और अन्य दस्तावेज बरामद किए गए । पुलिस
कार में बैठे तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया
पुलिस ने मौके से कार में बैठे तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिसमें मुजफ्फरपुर निवासी 31 वर्षीय अवधेश कुमार मोतिहारी निवासी 23 वर्षीय अमन कुमार सिंह सहित मुजफ्फरपुर के ही रहने वाले 25 वर्षीय पंकज कुमार साह को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में तीनों ने सॉल्वर गैंग से जुड़ाव स्वीकार करते हुए कई अहम खुलासे किए। इसके बाद पुलिस ने एक टीम का गठन कर मामले की जांच शुरू कर दी
परीक्षा में पास कराने का झांसा देता था
गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि गिरोह अभ्यर्थियों से मोटी रकम लेकर उन्हें परीक्षा में पास कराने का झांसा देता था। इसके लिए फर्जी एडमिट कार्ड तैयार करना, सॉल्वर उपलब्ध कराना और डिजिटल माध्यमों से पूरा नेटवर्क संचालित करना शामिल था।
इस दौरान पुलिस को मोबाइल जांच में परीक्षार्थियों का डेटा, फर्जी दस्तावेज और लेन-देन से जुड़ी चैटिंग मिलने के बाद पुलिस को पूरे नेटवर्क का सुराग मिला। जिसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर दूसरे दिन एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए विभिन्न स्थानों पर छापेमारी कर चार अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
दूसरे दिन औरंगाबाद, जमुई एवं मुजफ्फरपुर में छापेमारी
दूसरे दिन औरंगाबाद, जमुई एवं मुजफ्फरपुर में छापेमारी की गई जिसके बाद पुलिस ने साउथ गेट सदर अस्पताल के डॉ. नरेश कुमार दास के पुत्र हर्षराज , मुजफ्फरपुर निवासी सुरेंद्र प्रसाद यादव के पुत्र मनोज कुमार , मुजफ्फरपुर के बोहाचा निवासी अभिषेक रंजन के पुत्र गौरव कुमार, मुजफ्फरपुर के बलुआ थाना हथौड़ी निवासी कुशेश्वर साह के पुत्र सुभाष कुमार को गिरफ्तार किया।
पुलिस के अनुसार, ये सभी आरोपी सॉल्वर गैंग के सक्रिय सदस्य हैं और परीक्षा धांधली के नेटवर्क में अहम भूमिका निभा रहे थे।
मुख्य सरगना की तलाश तेज
डीएसपी सुनील कुमार सिंह ने बताया की पूछताछ में इस नेटवर्क के मुख्य संचालक के रूप में उज्जवल उर्फ राजा बाबू का नाम सामने आया है, जो लंबे समय से इस अवैध कारोबार को चला रहा था। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। बताया कि केंद्रीय एजेंसियां भी इस मामले की जांच में सक्रिय हैं। डीएसपी ने बताया कि गिरफ्तार किए गए सॉल्वर गैंग के मेंबर ने एडवांस के तौर पर डेढ़ से 2 लख रुपए सरगना को दिए है। एवं नीट की परीक्षा पास करने के लिए 50 से 60 लाख रुपएमें पूरी बात तय हुई थी
कानूनी कार्रवाई जारी
इस संबंध में पावापुरी थाना में धोखाधड़ी, जालसाजी और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। सभी गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों और लाभार्थी परीक्षार्थियों की पहचान में जुटी है।
