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नवादा-पावापुरी रेल प्रोजेक्ट: प्रशासन गिनाता रहा फायदे, किसानों ने कहा- रोजी-रोटी छीनना मंजूर नहीं

Published: Thu, 16 Jul 2026 04:52 PM (IST)

नवादा-पावापुरी प्रस्तावित रेल परियोजना को लेकर प्रशासन और किसानों के बीच हुई जनसुनवाई बेनतीजा रही। किसान उपजाऊ कृषि भूमि के ...और पढ़ें

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HighLights

  1. नवादा-पावापुरी रेल परियोजना पर प्रशासन-किसानों की वार्ता बेनतीजा रही।

  2. किसान उपजाऊ कृषि भूमि अधिग्रहण का कड़ा विरोध कर रहे हैं।

  3. प्रशासन ने परियोजना से रोजगार, पर्यटन, व्यापार बढ़ने के लाभ बताए।

संवाद सूत्र, गिरियक। नवादा-पावापुरी प्रस्तावित रेल परियोजना को लेकर प्रशासन और किसानों के बीच चली घंटों की वार्ता बेनतीजा रही। पावापुरी स्थित गांव मंदिर में गुरुवार को आयोजित जनसुनवाई में प्रभावित किसानों ने नवादा पावापुरी प्रस्तावित रेल मार्ग का विरोध करते हुए इसे बदलने की मांग दोहराई।

किसानों का कहना था कि उपजाऊ कृषि भूमि का अधिग्रहण कर विकास के नाम पर उनकी आजीविका नहीं छीनी जा सकती। वहीं प्रशासन परियोजना के संभावित लाभ गिनाता रहा, लेकिन घंटों चली बहस के बाद भी कोई सहमति नहीं बन सकी और बैठक बिना किसी निर्णय के समाप्त हो गई।

जनसुनवाई में मौजा नसीरपुर, सतौआ, मरकट्टा, इसुआ, प्यारेपुर, दशरथपुर, पुरी और पावा के किसानों ने अपनी बातों को रखते हुए कहा कि रेलवे की ओर से प्रस्तावित एलाइनमेंट से सैकड़ों एकड़ उपजाऊ जमीन प्रभावित होगी और वर्षों से खेती पर निर्भर परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा। किसानों ने प्रशासन से स्पष्ट कहा कि वर्तमान एलाइनमेंट किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं है।

किसान प्रतिनिधि अजय कुमार सिंह, अनुग्रह प्रसाद, अविनाश कुमार ने कहा कि पावापुरी के नाम से पहले से रेलवे स्टेशन मौजूद है और क्षेत्र राष्ट्रीय राजमार्ग-20 से भी जुड़ा हुआ है। ऐसे में नई रेल लाइन की उपयोगिता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

उन्होंने रेलवे से अब तक कराए गए तीनों सर्वे की रिपोर्ट सार्वजनिक करने तथा वर्तमान एलाइनमेंट चुनने के आधार का खुलासा करने की मांग की।

वहीं बैठक के दौरान कई किसानों ने सुझाव दिया कि यदि रेल परियोजना बनानी ही है तो इसे केवल नवादा–पावापुरी तक सीमित रखने के बजाय बिहारशरीफ तक विस्तारित किया जाए, ताकि परियोजना का लाभ व्यापक क्षेत्र को मिले और इसका औचित्य भी साबित हो सके।

इस पर एडीएम राजीव रंजन कुमार सिन्हा, भू-अर्जन पदाधिकारी साकेत कुमार, रेलवे के सहायक अभियंता कैलाश चौधरी और गिरियक सीवो सन्नी कुमार ने कहा कि रेल परियोजना से रोजगार, पर्यटन, व्यापार और आवागमन को बढ़ावा मिलेगा।

अधिकारियों ने किसानों से विकास के व्यापक हितों को ध्यान में रखते हुए सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने की अपील की।

बैठक के दौरान एक किसान द्वारा परियोजना के समर्थन में अपनी बात रखे जाने पर अन्य किसानों ने असहमति जताई। कुछ देर तक पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई, जिसके बाद अधिकारियों ने हस्तक्षेप कर स्थिति को शांत कराया। इस अवसर पर रवि राज, अभिषेक सिन्हा रंजीत कुमार, मनटुन सिंह समेत सैकड़ों किसान उपस्थित रहे।