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नवादा और पावापुरी के बीच पहली बार दौड़ेगी ट्रेन; नालंदा के 9 गांवों में जमीन अधिग्रहण शुरू

Published: Mon, 06 Jul 2026 12:29 PM (IST)

नवादा-पावापुरी नई ब्रॉडगेज रेल लाइन परियोजना के लिए नालंदा जिले में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसके ...और पढ़ें

नवादा से जुड़ेगी तीर्थनगरी पावापुरी।

नवादा से जुड़ेगी तीर्थनगरी पावापुरी।

HighLights

  1. नवादा-पावापुरी रेल लाइन के लिए भूमि अधिग्रहण शुरू।

  2. नालंदा के 9 गांवों की 142.58 एकड़ भूमि अधिग्रहित होगी।

  3. परियोजना से क्षेत्र में रेल संपर्क और विकास बढ़ेगा।

संवाद सूत्र, गिरियक (नालंदा)। वर्षों से लंबित नवादा–पावापुरी नई ब्रॉडगेज रेल लाइन परियोजना अब धरातल पर उतरने की दिशा में बढ़ गई है।

रेल मंत्रालय ने भूमि अधिग्रहण संबंधी अधिसूचना भारत के राजपत्र में प्रकाशित कर दी है। इसके साथ ही नालंदा जिले में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हो गई है।

इस परियोजना के तहत गिरियक अंचल के आठ और बिहारशरीफ अंचल के एक गांव की भूमि रेलवे लाइन निर्माण के लिए अधिग्रहित की जाएगी।

30 दिनों के अंदर कर सकते आपत्‍ति‍ 

अधिसूचना जारी होने के बाद प्रभावित किसानों के बीच मुआवजा, भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया और परियोजना के भविष्य को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

जिन किसानों की जमीन अधिग्रहण की जद में आई है, वे राजपत्र में अधिसूचना प्रकाशित होने की तिथि से 30 दिनों के भीतर जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, नालंदा के समक्ष अपनी लिखित आपत्ति दर्ज करा सकते हैं।  

नौ गांवों की भूमि होगी अधिग्रहित

गिरियक के अंचलाधिकारी सन्नी कुमार ने बताया कि 25.10 किलोमीटर लंबी नवादा–पावापुरी नई ब्रॉडगेज रेल लाइन के लिए गिरियक अंचल के नसीरपुर, जलालपुर, सतौवा, मरकटा, प्यारेपुर, इसुआ, दशरथपुर और पुरी मौजा के अलावा बिहारशरीफ अंचल के पावा मौजा की भूमि अधिग्रहित की जाएगी।

राजपत्र में प्रत्येक प्रभावित खेसरा संख्या, भूमि का रकबा तथा पूर्ण या आंशिक अधिग्रहण का विस्तृत विवरण प्रकाशित किया गया है।

1,064 प्लॉट और करीब 143 एकड़ भूमि होगी प्रभावित

इस परियोजना का सबसे अधिक प्रभाव पुरी गांव पर पड़ेगा। यहां 309 प्लॉट की लगभग 44.12 एकड़ भूमि रेलवे के लिए अधिग्रहित की जाएगी।

इसके बाद सतौवा में 23.59 एकड़, दशरथपुर में 16.90 एकड़, मरकटा में 13.67 एकड़, जलालपुर में 12.82 एकड़, इसुआ में 11.49 एकड़, प्यारेपुर में 9.82 एकड़, नसीरपुर में 7.23 एकड़ तथा पावा में 2.94 एकड़ भूमि अधिग्रहण की जद में आएगी।

इन नौ गांवों के कुल 1,064 प्लॉट प्रभावित होंगे। पूरी परियोजना के लिए लगभग 151 एकड़ भूमि अधिग्रहित की जानी है। इसमें करीब 142.58 एकड़ भूमि नालंदा जिले तथा शेष भूमि नवादा जिले के पांच गांवों से ली जाएगी।

रेल संपर्क से बढ़ेगा विकास

भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद रेलवे निर्माण एजेंसी ट्रैक बिछाने, पुल-पुलिया और अन्य आधारभूत संरचनाओं का निर्माण शुरू करेगी। नई रेल लाइन बनने के बाद नवादा और पावापुरी के बीच पहली बार सीधा रेल संपर्क स्थापित होगा।

इस परियोजना से नालंदा और नवादा जिले के लोगों को आवागमन में बड़ी सुविधा मिलेगी। माल परिवहन आसान होने से स्थानीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।

वहीं, विश्व प्रसिद्ध जैन तीर्थ पावापुरी आने वाले देश-विदेश के श्रद्धालुओं की यात्रा भी अधिक सुगम होगी। स्थानीय लोगों का मानना है कि रेल लाइन बनने से क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।

एक नजर में

  • परियोजना: नवादा–पावापुरी नई ब्रॉडगेज रेल लाइन
  • कुल लंबाई: 25.10 किलोमीटर
  • नालंदा में प्रभावित गांव: 9
  • प्रभावित प्लॉट: 1,064
  • नालंदा में अधिग्रहित भूमि: लगभग 142.58 एकड़
  • पूरी परियोजना के लिए अधिग्रहित भूमि: लगभग 151 एकड़
  • सबसे अधिक भूमि अधिग्रहण: पुरी (44.12 एकड़), सतौवा (23.59 एकड़) और दशरथपुर (16.90 एकड़)