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गया-राजगीर-नालंदा को जोड़कर बनेगा पर्यटन गलियारा? संसदीय समिति ने की विस्तृत चर्चा

Published: Wed, 26 Aug 2026 08:42 AM (IST)

परिवहन, पर्यटन एवं संस्कृति संबंधी संसदीय समिति ने नालंदा विश्वविद्यालय का दौरा किया और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा की। ...और पढ़ें

नालंदा पहुंची समिति‍ के सदस्‍य संजय झा, राजीव प्रताप रूड़ी व अन्‍य। जागरण

नालंदा पहुंची समिति‍ के सदस्‍य संजय झा, राजीव प्रताप रूड़ी व अन्‍य। जागरण

HighLights

  1. संसदीय समिति ने नालंदा विश्वविद्यालय का अध्ययन दौरा किया।

  2. गया, राजगीर, नालंदा को जोड़कर पर्यटन गलियारा बनाने पर चर्चा।

  3. विश्वविद्यालय में बिहारी छात्रों की संख्या बढ़ाने पर विशेष जोर।

संवाद सूत्र, नालंदा। देश के अलग-अलग राज्यों के करीब 19 सांसदों वाली परिवहन, पर्यटन एवं संस्कृति संबंधी संयुक्त संसदीय स्थायी समिति के सदस्यों की टीम ने मंगलवार को टूर स्टडी के लिए नालंदा विश्वविद्यालय का दौरा किया।

समिति के अध्यक्ष व सांसद संजय झा के नेतृत्व में पहुंचे सांसदों का विश्वविद्यालय परिवार द्वारा भव्य स्वागत किया गया । इसके बाद सदस्यों ने विश्वविद्यालय परिसर का जायजा लिया।

इस दौरान विश्वविद्यालय के बुनियादी ढांचे, पर्यावरण अनुकूल व्यवस्था, शिक्षा व्यवस्था और भविष्य की योजनाओं की जानकारी ली।

सरकार को सुझाव देने का काम करती है ऐसी समितियां

संयुक्त संसदीय स्थायी समिति संसद की ऐसी महत्वपूर्ण समिति है, जिसमें लोकसभा और राज्यसभा के सांसद शामिल होते हैं।

ये समिति संबंधित मंत्रालयों और उनके कामकाज की समीक्षा करती हैं। किसी योजना या नीति को बेहतर बनाने के लिए विशेषज्ञों, अधिकारियों और संबंधित संस्थानों से जानकारी लेकर सरकार को सुझाव भी देती हैं।

नालंदा का यह दौरा भी इसी प्रक्रिया का हिस्सा रहा। समिति के अध्ययन और सुझावों से नालंदा में शिक्षा, पर्यटन और सांस्कृतिक विकास की योजनाओं को बेहतर तरीके से आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

विश्वविद्यालय के कुलपति सचिन चतुर्वेदी ने बताया कि सांसदों के साथ आगामी नालंदा विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक को लेकर भी गंभीर चर्चा हुई।

विदेशी के साथ बिहारी छात्रों की संख्‍या बढ़ाने पर जोर 

उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय की भविष्य की योजनाओं में विदेशी छात्रों के साथ बिहार के स्थानीय विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाना प्रमुख विषयों में शामिल है।

इसके अलावा नालंदा को बौद्ध पर्यटन परिपथ से और मजबूती से जोड़ने तथा विश्व स्तर पर नालंदा की पहचान को और प्रभावी बनाने पर भी चर्चा हुई।

बिहार सरकार और विश्वविद्यालय के बीच प्रशासनिक व विकासात्मक समन्वय को मजबूत करने पर भी विचार किया गया। इससे विश्वविद्यालय और आसपास के क्षेत्र में होने वाले विकास कार्यों को बेहतर ढंग से आगे बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

समिति के अध्यक्ष संजय झा ने बताया कि बजट में प्रस्तावित विष्णुपद मंदिर, गया, राजगीर और नालंदा को जोड़कर पर्यटन गलियारा विकसित करने की दिशा में भी विस्तृत चर्चा हुई।

इससे गया आने वाले पर्यटकों को राजगीर और नालंदा तक लाने तथा क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने में मदद मिल सकती है।

श‍िक्षा और शोध का महत्‍वपूर्ण केंद्र 

सांसद राजीव प्रताप रूड़ी ने कहा कि कश्मीर, महाराष्ट्र, कर्नाटक और बंगाल समेत देश के विभिन्न हिस्सों से आए सांसदों ने नालंदा की पुनर्जीवित विरासत को करीब से देखा।

उन्होंने कहा कि यह विश्वविद्यालय पर्यावरण संरक्षण के साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शिक्षा और शोध का महत्वपूर्ण केंद्र बन रहा है।

सांसद मनोज तिवारी ने कहा कि नालंदा केवल बिहार की पहचान नहीं, बल्कि भारत की ज्ञान परंपरा का प्रतीक है। आधुनिक नालंदा को दुनिया के विद्यार्थियों और शोधार्थियों से जोड़ने के साथ स्थानीय युवाओं को भी इससे अधिक अवसर मिलना चाहिए।

उन्होंने कहा कि शिक्षा, पर्यटन और संस्कृति को साथ लेकर चलने से नालंदा के साथ पूरे क्षेत्र को आर्थिक और रोजगार के स्तर पर भी लाभ मिल सकता है।

समिति के सदस्यों ने विश्वविद्यालय के पर्यावरण अनुकूल परिसर और आधुनिक सुविधाओं की सराहना की। सांसदों ने कहा कि प्राचीन नालंदा की ज्ञान परंपरा को आधुनिक शिक्षा और शोध के माध्यम से वैश्विक स्तर पर आगे बढ़ाना देश के लिए गौरव की बात है।