नालंदा में संदिग्ध बाइक हटाने को कहा तो गोतिया के भतीजे ने मार दी गोली, ट्रांसपोर्टर की मौत
नालंदा के हरनौत में संदिग्ध बाइक हटाने का विरोध करने पर एक ट्रांसपोर्टर सुनील कुमार की गोली मारकर हत्या कर ...और पढ़ें

सुनील के सिर में मारी गोली
HighLights
संदिग्ध बाइक हटाने के विरोध पर हरनौत में ट्रांसपोर्टर की हत्या।
गोतिया के भतीजों गौरव और सौरभ पर गोली मारने का आरोप।
पुलिस जांच में जुटी, आरोपी फरार, पहले भी दर्ज हैं मामले।
जागरण संवाददाता, हरनौत (नालंदा)। बिहार के नालंदा जिले के हरनौत में घर के आगे संदिग्ध बाइक खड़ी करने का विरोध करना एक ट्रांसपोर्टर को भारी पड़ गया। पोरई मोहल्ला निवासी 48 वर्षीय सुनील कुमार की मंगलवार रात करीब 11:15 बजे गोली मारकर हत्या कर दी गई।
हत्या का आरोप उनके गोतिया घर के भतीजे गौरव उर्फ छोटू और उसके भाई सौरभ उर्फ मंगला पर लगा है। घटना के बाद आरोपित पक्ष के लोग घर छोड़कर फरार हो गए। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
घर के आगे बाइक खड़ी करने को लेकर शुरू हुआ विवाद
स्थानीय लोगों के अनुसार, सौरभ और गौरव ने सुनील कुमार के घर के दरवाजे के सामने दो संदिग्ध बाइक खड़ी कर दी थीं। सुनील ने इसका विरोध किया और बाइक हटाने को कहा।
मामला बढ़ने पर नगर पंचायत के एक पार्षद को इसकी जानकारी दी गई। इसके बाद दोनों भाइयों ने बाइक हटाने की बात मान ली। स्थानीय लोगों को लगा कि विवाद सुलझ गया है, लेकिन कुछ देर बाद फिर कहासुनी शुरू हो गई।
समझौते के दौरान सुनील के सिर में मारी गोली
विवाद शांत कराने के लिए पड़ोस के लोग भी मौके पर मौजूद थे। इसी दौरान मामला फिर बिगड़ गया और सुनील कुमार के सिर में गोली मार दी गई।
गोली लगने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया। परिजन उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।
मां पर भी आरोप, दोनों भाई फरार
मृतक के परिजनों की ओर से लगाए गए आरोपों के मुताबिक, घटना में गौरव उर्फ छोटू और उसके भाई सौरभ उर्फ मंगला की भूमिका है।
यह भी आरोप लगाया गया है कि उनकी मां ने कट्टा निकालकर दिया और गोली चलाने के लिए कहा। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी। वारदात के बाद आरोपित पक्ष के लोग घर से फरार हो गए।
गाजियाबाद में ट्रांसपोर्ट का काम करते थे सुनील
सुनील कुमार गाजियाबाद में रहकर एक ट्रांसपोर्टिंग एजेंसी से जुड़े थे और अपना ट्रेलर चलवाते थे। वह बिहार में भी ट्रांसपोर्ट का काम शुरू करने की तैयारी कर रहे थे।
दुर्गापूजा के अवसर पर अपनी मां से मिलने गांव आए थे। उनकी दो संतानें हैं और परिवार में बेटी की शादी की बातचीत चल रही थी। घटना से परिवार में मातम पसरा है।
पुलिस और एफएसएल टीम ने जुटाए साक्ष्य
घटना की जानकारी मिलने पर डीएसपी राकेश रंजन ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। एफएसएल की टीम ने भी मौके से साक्ष्य एकत्र किए हैं।
बताया गया कि दुर्गापूजा की छुट्टी के कारण टीम के पहुंचने में देरी हुई। पुलिस आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए प्रयास तेज कर रही है।
आरोपितों पर पहले से भी मामले दर्ज होने की बात
स्थानीय लोगों के मुताबिक, आरोपितों के खिलाफ पहले भी थाने में कई प्राथमिकी दर्ज होने की बात कही जा रही है। फिलहाल पुलिस हत्या के पीछे के पूरे घटनाक्रम और विवाद के कारणों की जांच कर रही है।
आरोपितों की गिरफ्तारी और घटना में इस्तेमाल हथियार की बरामदगी को लेकर भी पुलिस की कार्रवाई जारी है।
