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नालंदा में साइबर अपराधियों पर शिकंजा, वशीकरण और सेक्स एस्कॉर्ट के नाम पर ठगी करने वाले 6 शातिर गिरफ्तार

Published: Sat, 12 Sep 2026 05:46 PM (IST)

नालंदा पुलिस ने साइबर अपराधियों के एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये ...और पढ़ें

ठगी करने वाले 6 शातिर गिरफ्तार

ठगी करने वाले 6 शातिर गिरफ्तार

HighLights

  1. नालंदा पुलिस ने छह साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया।

  2. गिरोह सेक्स एस्कॉर्ट और वशीकरण के नाम पर ठगी करता था।

  3. आरोपियों से 10 स्मार्ट मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।

जागरण संवाददाता, बिहारशरीफ। साइबर अपराधियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी क्रम में अस्थावां थाना पुलिस ने साइबर ठगी के एक संगठित गिरोह का खुलासा करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से साइबर अपराध में इस्तेमाल किए जा रहे 10 स्मार्ट मोबाइल फोन बरामद किए हैं।

एसपी हृदयकांत के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान के तहत 11 सितंबर 2026 को सूचना के आधार पर अस्थावां थाना क्षेत्र के चुलिहारी पुल के पास छापेमारी की गई। इस दौरान चार साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ और उनकी निशानदेही के आधार पर पुलिस टीम ने उगावां गांव के खंधा में छापेमारी कर दो अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस के अनुसार, आरोपित संगठित गिरोह के रूप में काम करते थे। सोशल मीडिया, मोबाइल कॉल और अन्य ऑनलाइन माध्यमों के जरिए लोगों को सेक्स स्कॉर्ट सर्विस में रोजगार दिलाने का झांसा दिया जाता था। इसके अलावा फर्जी बाबा बनकर मनचाहे स्त्री-पुरुष को वशीकरण करने का दावा कर भी लोगों से साइबर ठगी की जाती थी।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान

गिरफ्तार आरोपियों में 21 वर्षीय पुत्र बंटी कुमार, 19 वर्षीय सोनू कुमार, 36 वर्षीय सोनेलाल पासवान 18 वर्षीय लक्की कुमार सभी ग्राम चुलिहारी निवासी हैं। वहीं 19 वर्षीय दीपक कुमार और 20 वर्षीय सोनू कुमार दोनों ग्राम उगावां निवासी हैं। सभी आरोपी थाना अस्थावां, जिला नालंदा के रहने वाले बताए गए हैं।

कार्रवाई में पुनि. सह थानाध्यक्ष सत्यम कुमार, पुअनि. धर्मेन्द्र कुमार, जितेन्द्र कुमार साह, सअनि. धर्मवीर पासवान, गयानन्द पाण्डेय, सिपाही लालु राय, अरूण कुमार, रंभा कुमारी, मुरारी कुमार दास, बीएचजी शैलेन्द्र कुमार तथा चालक इन्द्रजीत कुमार शामिल रहे। पुलिस ने मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली है। बरामद मोबाइल फोन की जांच की जा रही है। साथ ही पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों, इनके संपर्कों और साइबर ठगी से जुड़े नेटवर्क की जानकारी जुटाने में लगी है। मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।

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