नालंदा को सौगात: 1655 करोड़ से फोरलेन बनेगी दनियावां-हुलासगंज सड़क, 285 एकड़ भूमि अधिग्रहण की तैयारी
दनियावां-हिलसा-एकंगरसराय-इस्लामपुर-हुलासगंज पथ को दो से चार लेन करने की पहल शुरू हो गई है, जिसके लिए संभाव्यता प्रतिवेदन जमा किया जा चुका है।

1655 करोड़ से फोरलेन बनेगी दनियावां-हुलासगंज सड़क, 285 एकड़ भूमि अधिग्रहण की तैयारी (AI Generated Image)
HighLights
दनियावां-हिलसा-हुलासगंज पथ को फोरलेन बनाने की पहल।
परियोजना पर अनुमानित 1,655.55 करोड़ रुपये का खर्च आएगा।
सड़क बनने से क्षेत्र का आर्थिक विकास होगा।
संवाद सूत्र, एकंगरसराय। दनियावां-हिलसा-एकंगरसराय-इस्लामपुर-हुलासगंज पथ को दो लेन से बढ़ाकर चार लेन करने की दिशा में पहल शुरू हो गई है। विकास आनंद एवं टीम आनंद की ओर से सहयोग पोर्टल पर आवेदन देकर इस महत्वपूर्ण सड़क के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण की मांग की गई थी।
आवेदन के जवाब में हिलसा के कार्यपालक अभियंता, पथ निर्माण विभाग ने परियोजना से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी उपलब्ध कराई है।
कार्यपालक अभियंता ने बताया है कि पथ निर्माण विभाग, हिलसा अंतर्गत दनियावां-हिलसा-एकंगरसराय-इस्लामपुर-हुलासगंज पथ के 0.00 किमी से 44.155 किमी तक चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण के लिए कार्यालय के पत्रांक-881, दिनांक 11 अगस्त 2026 के माध्यम से विभाग को संभाव्यता प्रतिवेदन समर्पित कर दिया गया है।
285.95 एकड़ भूमि का होगा अधिग्रहण
विभागीय जानकारी के अनुसार, सड़क को वर्तमान दो लेन से चार लेन में परिवर्तित करने के लिए विभिन्न मौजा में 164.32 एकड़ भूमि उपलब्ध है। वहीं, परियोजना को पूरा करने के लिए 285.95 एकड़ अतिरिक्त भूमि अर्जित करने की आवश्यकता होगी।
1,655.55 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान
करीब 44 किलोमीटर लंबे इस महत्वपूर्ण मार्ग के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण पर 1,655.55 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत आएगी। इसके लिए केंद्रीय सड़क एवं अवसंरचना निधि (CRIF) मद के अंतर्गत प्रस्ताव तैयार किया गया है।
बताया गया है कि इस सड़क के चौड़ीकरण एवं फोरलेन में तब्दीली के लिए इस्लामपुर के विधायक रूहेल रंजन भी प्रयासरत है, वे पिछले दिनों नई दिल्ली में मंत्री नितिन गडकरी से मिलकर अपनी मांग को प्रमुखता से रखा था।
सड़क के फोरलेन होने से हिलसा, एकंगरसराय, इस्लामपुर सहित आसपास के क्षेत्रों के लोगों को आवागमन में काफी सुविधा मिलने की उम्मीद है।
क्षेत्र के विकास को मिलेगी गति
दनियावां से हुलासगंज तक जाने वाला यह मार्ग नालंदा के कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों को जोड़ता है। सड़क के फोरलेन में तब्दील होने से यातायात व्यवस्था बेहतर होने के साथ आवागमन अधिक सुगम और सुरक्षित होगा। साथ ही व्यापारिक गतिविधियों, कृषि उत्पादों के परिवहन और क्षेत्र के आर्थिक विकास को भी गति मिलने की उम्मीद है।
विभाग द्वारा संभाव्यता प्रतिवेदन समर्पित किए जाने के बाद अब परियोजना की स्वीकृति, भूमि अधिग्रहण और निर्माण कार्य शुरू होने से संबंधित आगामी कार्रवाई पर लोगों की नजर टिकी है।
