नालंदा में 564 एकड़ में बनेगा औद्योगिक पार्क! विधायक ने CM सम्राट से की मुलाकात, हजारों रोजगार की उम्मीद
इस्लामपुर विधायक रुहेल रंजन ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से ढेकवाहा के बरहगामा में प्रस्तावित 564 एकड़ के औद्योगिक पार्क को शीघ्र कैबिनेट स्वीकृति देने की मांग की।

सीएम सम्राट चौधरी को ज्ञापन सौंपते विधायक रूहेल रंजन। सौ-स्वयं
HighLights
564 एकड़ औद्योगिक पार्क की कैबिनेट स्वीकृति की मांग।
स्थानीय लोगों को रोजगार और पलायन में कमी की उम्मीद।
किसानों को लाभ, आधारभूत संरचना का विकास होगा।
जागरण संवाददाता, बिहारशरीफ। इस्लामपुर विधायक रुहेल रंजन ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात कर ढेकवाहा के बरहगामा गांव में प्रस्तावित 564 एकड़ के औद्योगिक पार्क के लिए शीघ्र कैबिनेट स्वीकृति की मांग की।
विधायक ने मुख्यमंत्री को इस संबंध में पत्र सौंपकर संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश देने का आग्रह किया।विधायक ने कहा कि बरहगामा में प्रस्तावित औद्योगिक पार्क का मामला लंबे समय से लंबित है।
चिन्हित भूमि का बड़ा हिस्सा वर्तमान में परती और अनुपयोगी पड़ा है। स्थानीय ग्रामीण और भू-स्वामी भी क्षेत्र के विकास और व्यापक जनहित को देखते हुए परियोजना के लिए भूमि उपलब्ध कराने के इच्छुक हैं।
स्थानीय स्तर पर परियोजना को सकारात्मक समर्थन मिलने के बावजूद कैबिनेट स्वीकृति नहीं मिलने से आगे की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।
स्थानीय लोगों को मिलेगा रोजगार
औद्योगिक पार्क की स्थापना से बरहगामा सहित ढेकवाहा पंचायत और आसपास के दर्जनों गांवों के लोगों के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार के बड़े अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
उद्योगों में कुशल, अर्धकुशल और अकुशल श्रमिकों की आवश्यकता होगी। इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के लिए पटना, गया, दिल्ली, सूरत और अन्य शहरों की ओर पलायन करने की मजबूरी कम हो सकती है।
पार्क के निर्माण के दौरान भी बड़ी संख्या में मजदूरों को रोजगार मिलने की संभावना है। औद्योगिक गतिविधियां बढ़ने से आसपास के क्षेत्रों में होटल, ढाबा, चाय-नाश्ता, किराना, वाहन मरम्मत, परिवहन, किराये के मकान और अन्य छोटे कारोबार को भी बढ़ावा मिल सकता है।
ट्रक, ऑटो, ई-रिक्शा और माल ढुलाई से जुड़े लोगों के लिए आय के नए अवसर बनेंगे। युवाओं को विभिन्न औद्योगिक कार्यों के लिए कौशल प्रशिक्षण मिलने की भी संभावना है।
किसानों को भी मिलेगा लाभ
प्रस्तावित पार्क में कृषि आधारित उद्योग और खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां स्थापित होने से आसपास के किसानों को अपने उत्पादों के लिए स्थानीय बाजार मिल सकता है।
इससे कृषि उत्पादों की बिक्री, भंडारण और प्रसंस्करण की सुविधाओं का विस्तार होगा। स्थानीय स्तर पर उत्पादों की मांग बढ़ने से किसानों और छोटे व्यापारियों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है।
औद्योगिक क्षेत्र के विकास के साथ सड़क, बिजली, पानी, संचार और परिवहन जैसी आधारभूत सुविधाओं के विस्तार को भी गति मिलने की संभावना है। इससे आसपास के गांवों के लोगों के जीवन स्तर और आर्थिक गतिविधियों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
विधायक ने मुख्यमंत्री से प्रस्ताव को मंत्रिपरिषद की शीघ्र स्वीकृति दिलाकर आगे की कार्रवाई समयबद्ध तरीके से शुरू कराने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि 564 एकड़ में प्रस्तावित यह औद्योगिक पार्क इस्लामपुर विधानसभा क्षेत्र के साथ-साथ नालंदा और दक्षिण बिहार में औद्योगिक विकास का महत्वपूर्ण केंद्र बन सकता है। इससे रोजगार, निवेश, कारोबार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को व्यापक मजबूती मिलने की उम्मीद है।
