बिहारशरीफ। उत्तर प्रदेश के अनुभाग अधिकारी, बेसिक शिक्षा अनुभाग : 5 ने उत्तर प्रदेश, लखनऊ के शिक्षा निदेशक को पत्र लिखकर नालंदा जिले के चंडी प्रखंड अंतर्गत उपेंद्र प्रसाद ¨सह को सूचना उपलब्ध कराने को कहा है। सूचना उपलब्ध नहीं कराने पर विभागीय कार्रवाई और आर्थिक जुर्माना लगाने की बात कही गई है। आवेदक उपेंद्र प्रसाद ¨सह ने स्थानीय समाचार पत्र में 18 अगस्त 2015 को प्रकाशित खबर का हवाला देकर उत्तर प्रदेश के लोक सूचना पदाधिकारी सह निजी सचिव और मुख्य सचिव कार्यालय से सूचना मांगी थी जिसमें कहा गया था कि समाचार में प्रकाशित लेख पढ़ने से साफ है कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने उत्तर प्रदेश के सभी जन प्रतिनिधि, सरकारी अफसरों और कर्मचारियों को अपने बच्चों को सरकारी प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ाने के निर्देश दिए हैं। इसे उत्तर प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव को छह माह में लागू करने का आदेश भी दिया गया था। आदेश के आलोक में कार्यालय द्वारा इस आदेश को लागू करने के लिए जारी की गई अधिसूचना की छायाप्रति उपलब्ध करवाने और उच्च न्यायालय के आदेश को लागू न करने की स्थिति में इस आदेश को उच्च न्यायालय में सरकार द्वारा चुनौती दी गई है। आवेदक द्वारा इस वाद की फाइ¨लग नंबर औऱ अभिलेख की छायाप्रति उपलब्ध कराने की मांग की गई थी। इस बात की जानकारी आवेदक उपेंद्र प्रसाद ¨सह को उत्तर प्रदेश के अनुभाग अधिकारी द्वारा भेजे गए पत्र से प्राप्त हुआ है।

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