नालंदा। किसान फसलों को बचाने एवं उत्पादन को बढ़ाने के लिए दवाईयों का छिड़काव करते हैं। लेकिन कभी-कभी दवा का कुप्रभाव से व्यापक रूप से हानि उठानी पड़ती है। इस तरह के दो मामले शुक्रवार को हिलसा एवं करायपरशुराय प्रखंड में सामने आया है। जानकारी के अनुसार हिलसा प्रखंड के सिपारा गांव के किसान अनिल कुमार ने गुरुवार को अपने एक बीघा मटर वाले खेत में क्राइफ़ोर्स नामक दवा का छिड़काव करवाया था। अगले दिन पूरी फसल लहलहाने के बजाय मुरझा गया। उन्होंने बताया कि मैंने हिलसा बाजार की एक बीज दुकान से क्राइम फ़ोर्स नामक दवा खरीद कर लाया था। दुकानदार ने कहा था कि इससे फसल नहीं सुखेगा और बेहतर गुणवत्ता वाला पैदावार होगा। इसी तरह कराय परशुराय प्रखंड के मकरोता गांव के किसान लक्ष्मीनारायण सिन्हा के ढाई बीघा खेत में लगी सरसों की फसल पर क्राइम फ़ोर्स एवं प्राइमस दवा का छिड़काव गुरुवार को किया गया था। अगले ही दिन शुक्रवार को पूरे खेत की फसल झुलसकर मुरझा गया। दवा के छिड़काव से बर्बाद हुई फसल को देखकर किसानों की हालत ¨चतनीय हो गई है। लक्ष्मी नारायण सिन्हा के खेत में सरसों की फसल पर दवा का छिड़काव करने के लिए दवा की खरीद कर कराय परशुराय के दुकानदार विनोद कुमार के यहां से किया गया था।

Posted By: Jagran

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