नालंदा। पिछले वर्ष भागलपुर के बाद इस वर्ष नालंदा जिले में तीन दिवसीय 23वीं राज्यस्तरीय राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस 2015 का शुभारंभ किया गया। शनिवार को आरपीएस स्कूल मकनपुर में दीप प्रज्जवलित कर साइंस समित के वैज्ञानिकों ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया। कार्यक्रम का आयोजन विज्ञान व प्रौद्योगिकी विभाग भारत सरकार द्वारा आयोजित किया गया। इस मौके पर बतौर मुख्य अतिथि साइंस समिति के वाइस प्रेसिडेंट डा. सीएम झा, वाइस प्रेसिडेंट एसकेपी सिन्हा, डा.प्रेमकुमार सिन्हा, एसके जायसवाल व आरपीएस स्कूल के निदेशक अरविन्द कुमार ¨सह मौजूद रहे। तीन दिवसीय बाल विज्ञान कांग्रेस कार्यक्रम का विषय है मानसून व जलवायु में हो रहा परिवर्तन रखा गया है। इस कार्यक्रम में राज्य के 36 जिलों के लगभग 4 सौ बाल वैज्ञानिक भाग ले रहे हैं। कार्यक्रम की शुभारंभ आरपीएस स्कूल की छात्राओं के समूह द्वारा सरस्वती वंदना के उपरांत किया गया।

इस मौके पर मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए साइंस समिति के जिला समन्वयक शैलेन्द्र नाथ ने बताया कि जलवायु व मानसून परिर्वतन विषय पर जो बाल वैज्ञानिक अपना प्रोजेक्ट लाए हैं, उसमें से बेहतर 50 प्रोजेक्ट का चयन किया जाएगा। समिति के राज्य समन्वयक डा. पवन किशोर शर्मा ने बताया कि सेमिनार में शामिल बाल वैज्ञानिकों का जो 50 प्रोजेक्ट चयनित किया जाएगा उस प्रोजेक्ट को आगामी दिनों में पटना में आयोजित पांच दिवसीय बाल विज्ञान कार्यक्रम में मौजूद वैज्ञानिकों के सामने रखा जाएगा। उसमें से 30 अच्छे प्रोजेक्ट का चयन वैज्ञानिक करेंगे। चयनित बाल वैज्ञानिकों का प्रोजेक्ट राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित कार्यशाला में प्रस्तुत किया जाएगा। आरपीएस स्कूल के निदेशक अरविन्द कुमार ¨सह ने कहा कि जलवायु व मौसम परिर्वतन दिन पर दिन बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है। जलवायु परिवर्तन व मौसम ससमय परिवर्तित हो, इसके लिए विश्व समुदाय ¨चतन कर रहा है। उसी मुद्दे का समाधान हमारे बाल वैज्ञानिक भी निकालने में लगे हुए हैं।

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