बिहार में शिक्षकों के HRA नियम में बदलाव: अब शपथ पत्र देने पर ही मिलेगा आवास भत्ता, तय हुईं नई दरें
शिक्षकों के आवास भत्ता (एचआरए) भुगतान के लिए शिक्षा विभाग ने संशोधित गाइडलाइन जारी की है, जिसमें अब शपथ पत्र ...और पढ़ें

बिहार में शिक्षकों के HRA नियम में बदलाव (AI Generated Image)
HighLights
एचआरए भुगतान के लिए शपथ पत्र जमा करना अनिवार्य।
शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए एचआरए दरें संशोधित।
नगर निकायों की 8 किमी परिधि का नियम बदला।
जागरण संवाददाता, बिहारशरीफ। जिले के सरकारी विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों के आवास भत्ता (एचआरए) भुगतान को लेकर शिक्षा विभाग ने संशोधित गाइडलाइन जारी की है। स्थापना डीपीओ प्रवीण कुमार प्रभात ने जिले के सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों को पत्र भेजकर नए विभागीय दिशा-निर्देशों से अवगत कराया है।
संशोधित नियमों के अनुसार आवास भत्ता स्वीकृत कराने के लिए शिक्षकों को निर्धारित आवेदन पत्र के साथ कार्यपालक दंडाधिकारी स्तर से निर्गत शपथ पत्र एवं स्व-घोषणा पत्र जमा करना अनिवार्य होगा।
संबंधित दस्तावेज बीईओ के माध्यम से जमा किए जाएंगे, जिसके बाद जिला स्तर पर जांच एवं समीक्षा के उपरांत एचआरए भुगतान की अंतिम स्वीकृति दी जाएगी।
नई व्यवस्था के तहत बिहारशरीफ नगर निगम क्षेत्र की आठ किलोमीटर की परिधि में स्थित विद्यालयों के शिक्षकों को मूल वेतन का 10 प्रतिशत आवास भत्ता मिलेगा।
वहीं, नगर परिषद एवं नगर पंचायत की वास्तविक अधिसूचित सीमा के अंदर स्थित विद्यालयों के शिक्षकों को 7.5 प्रतिशत, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों को 5 प्रतिशत की दर से एचआरए देय होगा।
नगर निकायों के नियम में बदलाव
संशोधित आदेश में स्पष्ट किया गया है कि नगर परिषद एवं नगर पंचायत की आठ किलोमीटर की परिधि में आने वाले विद्यालयों को अब शहरी दर का लाभ नहीं मिलेगा।
7.5 प्रतिशत एचआरए केवल अधिसूचित नगर निकाय की वास्तविक भौगोलिक सीमा के अंदर स्थित विद्यालयों को ही मिलेगा।
स्थापना डीपीओ ने सभी बीईओ एवं विद्यालय प्रधानों को निर्देश दिया है कि अधिसूचित नगर निकाय सीमा में आने के बावजूद वर्तमान में निर्धारित आवास भत्ते से वंचित विद्यालयों की संशोधित रिपोर्ट तत्काल विभाग को उपलब्ध कराएं।
