इसलामपुर (नालंदा), निज प्रतिनिधि : नगर के श्री अयोध्या ठाकुरबाड़ी के प्रांगण में रविवार को श्री रामार्चा महायज्ञ का आयोजन किया गया। इस अवसर पर श्री लक्ष्मण किला, अयोध्या जी के सम्प्रति पीठाधीश्वर स्वामी मैथिली रमण शरण जी महाराज की सन्निधि में विराजमान विग्रह का अभिषेक किया गया। साथ ही अयोध्या जी के कई संतों के द्वारा प्रभु राम मैया सीता की पूजा-अर्चना की गयी। पूजा के उपरांत उपस्थित भक्तजनों को संबोधित करते हुए स्वामी मैथिली रमण शरण जी महाराज ने कहा कि श्री रामाचार्य महायज्ञ अपने आप में अजूबा महायज्ञ है। इस यज्ञ को करने से प्राणी सभी बाधाओं से मुक्त हो जाते हैं। कष्ट उनको इस तरह छू कर निकल जायेगा कि प्राणियों को पता भी नहीं चल पायेगा। इस अवसर पर उन्होंने अयोध्या जी में स्थापित श्री लक्ष्मण किला के बारे में विस्तृत से चर्चा करते हुए बताया कि इसलामपुर नगरी को अयोध्या जी में छोटी अयोध्या के रूप में जाना जाता है। इसका कारण इस नगर में लक्ष्मण किला के संस्थापक सह रसिकोपासना के महान आचार्य स्वामी युगलानन्य शरण जी महाराज का जन्म स्थान है। उन्होंने बताया कि नगर के राणा प्रताप नगर में महान संत का जन्म 1818 ई. में हुआ था। वे बाल्यावस्था से ही तीव्र बुद्धि के थे। वे घर छोड़ निकल पड़े और काशी चित्रकूट होते अयोध्या जी को गये जहां 1868 तक इसे पूरा किया। इस अवसर पर अयोध्या जी से आये आचार्य महेश चन्द्र मिश्र, कपिलदेव शरण, संगीताचार्य विनोद शरण सहित कई ने अपने-अपने विचार रखा। इसके उपरांत भजन-कीर्तन का भी आयोजन किया गया। इस पावन वेला में पटल से आये कृष्णदेव प्रताप सिंह, रणधीर शरण, पांडेश्वर प्रसाद, बबन सिंह, अनिल कुमार, संजय, माथुरी, अजीत प्रसाद सहित सैकड़ों भक्तजन उपस्थित थे।

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