मुजफ्फरपुर : बेटे की सूरत देखने को वृद्ध पिता की आंखें पथरा गईं हैं। लेकिन, सूरत देखना तो दूर आवाज सुनने को भी तरस गए हैं। यह बेबस परिवार है कटरा प्रखंड की तेहवारा पंचायत के फकीराना टोला निवासी विनोद महतो का जिनका पुत्र बहादुर महतो मार्च के दूसरे सप्ताह से पाकिस्तान के कब्जे में है। बहादुर महतो के छोटे भाई राकेश ने बताया कि परिवार की आर्थिक तंगी के कारण रोजगार की तलाश में बड़ा भाई गुजरात पहुंच गया और एक फिशरी बोट पर काम करने लगा। पांच वर्षो से इस काम में लगा था और कभी परेशानी नहीं हुई। लेकिन, मार्च में वह पाकिस्तान अधिकृत सीमा में पकड़ लिया गया और तभी से वहां बंद है। उसकी पत्‍‌नी मनीषा देवी ने बताया कि 9 मार्च को उनका आखिरी कॉल आया था। इसके बाद से न तो कोई कॉल आया और न बात हो पाती है। अपने तीन बच्चों के साथ पति के आने के इंतजार में टकटकी लगाए हर आने- जाने वाले को उत्सुकता से देखती है कि कुछ शुभ समाचार मिले। इस बीच सीओ को आवेदन देने पर प्रखंड श्रम एवं प्रवर्तन अधिकारी पंचसू पंडित ने पीड़ित परिवार से मिलकर जानकारी ली। उन्होंने बहादुर का आधार कार्ड, पहचान पत्र, राशनकार्ड आदि की प्रति परिवार से लेकर वरीय अधिकारी के पास आगे की कार्रवाई के लिए भेजने का आश्वासन दिया। किन्तु, तीन दिन गुजरने के बाद भी कहीं से कोई खबर नहीं आई। पूरा परिवार भय और दहशत में जी रहा है। बहादुर के पिता विनोद महतो ने कहा कि सरकार मेरे पुत्र को सुरक्षित अपने देश ले आए। मेरे बुढ़ापे का वही सहारा है। चार बेटों में तीन घर पर ही खेती व मजदूरी कर जीवन यापन करते हैं। एक बहादुर बाहर कमाने वाला था जो दुश्मन देश के चंगुल में फंसा है। बेटे को वापस लाने के लिए सबसे गुहार लगा कर थक चुके हैं, लेकिन अबतक आश्वासन के सिवा कुछ नहीं मिला। अब मंत्री राम सूरत राय से गुहार लगाएंगे। आर्थिक तंगी और मानसिक उलझन के कारण पूरा परिवार परेशान है। उन्होंने इस संबंध में सांसद अजय निषाद से मिलने की बात कही।

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