मुजफ्फरपुर, जेएनएन। मनियारी थानाक्षेत्र के महंत मनियारी गांव स्थित सुनसान सरेह में संचालित देसी शराब की अवैध फैक्ट्री पर सैंकड़ों की संख्या में महिलाओं ने शनिवार को धावा बोल दिया। झाड़ू और लाठी-डंडा लिए महिलाएं शराब फैक्ट्री के भीतर घुस गईं। वहां अद्र्धनिर्मित शराब देख जमकर हंगामा किया। इसी बीच मौके का फायदा उठाकर फैक्ट्री संचालक समेत अन्य धंधेबाज फरार हो गए। महिलाओं के हंगामे की सूचना पर मनियारी पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस के पहुंचते ही महिलाओं ने जमकर भड़ास निकाली। 

आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए मांग 

चार घंटे तक मनरेगा वाच की महिलाओं ने प्राथमिकी दर्ज कर आरोपितों की गिरफ्तारी करने को लेकर हंगामा किया। मनरेगा वाच के संयोजक संजय सहनी के समझाने पर शांत हुईं। पुलिस ने मौके से दो सौ लीटर अद्र्धनिर्मित देसी शराब, दो ड्रम, गैस सिलेंडर, नशीली दवाइयां और गुड़ समेत अन्य सामान जब्त किया। थानाध्यक्ष नरेंद्र कुमार ने बताया कि धंधेबाजों को चिह्नित कर प्राथमिकी दर्ज करने की कवायद की जा रही है। जल्द ही सभी की गिरफ्तारी होगी। 

छह फीट गड्ढे में छुपाकर रखी गई थी शराब

एक झोपड़ी में छह फीट गड्ढा खोदकर इसमें छुपाकर देसी शराब रखी गई थी। इसे पुलिस ने निकालकर जब्त किया। देसी शराब के अड्डे को ध्वस्त किया गया। मौके पर मौजूद शकुंतला देवी, कृष्णा देवी, सुमित्रा देवी और राजकली देवी ने बताया कि चोरी-छिपे कई माह से देसी शराब बनाने का धंधा चल रहा है। पुलिस तो कुछ कार्रवाई करती नहीं है। उनलोगों ने इसे ध्वस्त करने का जिम्मा उठाया। क्षेत्र में शराब बेचने वालों के खिलाफ आगे भी अभियान जारी रखने की बात कही। 

देसी शराब पीने से हुई थी मौत, कई परिवारों की उजड़ गई दुनिया

आक्रोशित महिलाओं ने बताया कि पूर्व में देसी शराब का सेवन करने से शिवलाल सहनी, छोटेलाल, मन्टून और सोनेलाल की मौत हो चुकी है। बावजूद इसके गांव में चोरी-छिपे देसी शराब बनाने का धंधा चल रहा है। पुलिस कोई कार्रवाई नहीं करती है। कई परिवारों की दुनिया उजड़ चुकी है। कई बच्चे अनाथ हो गए और कई महिलाएं विधवा हो गई। शराबबंदी के बावजूद इलाके में शराब बिक्री को लेकर महिलाओं ने पुलिस पर जमकर गुस्सा उतारा। 

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