पश्चिम चंपारण, जासं। मंडलकारा के बंदियों को अब हजामत बनवाना आसान होने जा रहा है। बंदियों की हजामत अब सुगंधित क्रीम लगाकर बनेगी। बड़े-बड़े शीशे के सामने चेयर पर बैठा कर उनकी हजामत बनाई जाएगी। बंदियों की मूंछ दाढ़ी और बाल करीने से कटे-छटे रहेंगे। बंदियों के दाढ़ी और बाल की कटाई के लिए मंडलकारा में सैलून का निर्माण किया जा रहा है। सैलून में रूटीन के अनुरूप नियमित बंदियों की हजामत बनाई जाएगी। इस में आने वाले सारे खर्च जेल प्रशासन वहन करेगा। सैलून में क्रीम, पाउडर और दाढ़ी तथा बाल काटने में उपयोगी सारे सामान उपलब्ध रहेंगे। इसके पहले बंदियों की हजामत बनाने के लिए कोई माकुल व्यवस्था नहीं थी।

परेशानी का सबब रहा है बंदियों का सेविंग

जेल में हजामत बनवाना बंदियों के लिए अब तक परेशानी का सबब रहा है। जेल में हजामत बनाने के लिए एक नाई जरूर है, लेकिन एक नाई से सभी बंदियों की हजामत बनाना आसान नहीं है। कारा में क्षमता से करीब डेढ़ गुना ज्यादा बंदी हैं। हजामत के लिए एकमात्र नाई होने की वजह से अबतक हजामत बनाने की जानकार कुछ बंदी ही आपस में एक दूसरे का हजामत बनाते रहे हैं। कई बार समय से हजामत नहीं बनने से तो बंदी बड़े-बड़े बाल और दाढ़ी के साथ जेल परिसर में घूमते रहते हैं। लेकिन सैलून का निर्माण हो जाने के बाद बंदियों को काफी राहत मिलेगी।

-- जेल में सैलून का निर्माण किया जा रहा है। हजामत के लिए इसमें सारे संसाधन उपलब्ध रहेंगे। इस पर आने वाला सारा खर्च जेल प्रशासन वहन करेगा। सैलून का निर्माण हो जाने से कैदियों को काफी राहत होगी। - अमरजीतसिंह, सुपरिटेंडेंट, मंडलकारा, बेतिया।

इनरवा बॉर्डर पर 100 लीटर डीजल व बाइक जब्त, तस्कर गिरफ्तार

इनरवा। भारत नेपाल बॉर्डर पर तैनात 47 बटालियन के इनरवा एसएसबी ने तस्करी की नियत से इनरवा बॉर्डर के रास्ते भारतीय क्षेत्र में ला रहे 100 लीटर डीजल एवं बाइक के साथ एक तस्कर को धर दबोचा है। इनरवा पीओपी में तैनात इंस्पेक्टर राज कुमार ने बताया कि तस्कर की पहचान इनरवा की खामियां गांव के भोज गद्दी के रूप में की गई है। जब्त डीजल एंंव बाइक को कस्टम को सौंप दिया गया है।

Edited By: Dharmendra Kumar Singh