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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 26, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

उत्तर बिहार में आज बदलेगा मौसम का मि‍जाज, बार‍िश को लेकर पूर्वानुमान जारी

By Dharmendra Kumar SinghEdited By:
Published: Tue, 26 Jul 2022 08:39 AM (IST)

मुजफ्फरपुर समेत‍ उत्‍तर ब‍िहार के ज‍िलों में अब बार‍िश शुरू हो गई है। तापमान में ग‍िरावट के साथ गर्मी से ...और पढ़ें

उत्तर बिहार के जिलों में बार‍िश का पूर्वानुमान। प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर
उत्तर बिहार के जिलों में बार‍िश का पूर्वानुमान। प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर

समस्तीपुर, जासं। उत्तर बिहार के जिलों में हल्की वर्षा होने की संभावना है। मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी व श‍िवहर में मौसम सामान्‍य है। हालांकि, समस्तीपुर जिले में सुबह से ही धूप निकली है। आसमान में हल्के बादल भी छाए हुए है। डा. राजेन्द्र प्रसाद केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय पूसा के मौसम वैज्ञानिक डा. ए सत्तार ने बताया कि पूर्वानुमान की अवधि में आसमान में मध्यम बादल छाये रह सकते हैं।

उत्तर बिहार के जिलों में अनेक स्थानों पर हल्की वर्षा हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार इस अवधि में अधिकतम तापमान 33 से 34 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। जबकि न्यूनतम तापमान 23 से 26 डिग्री सेल्सियस के आस-पास रह सकता है। सापेक्ष आर्द्रता सुबह में 75 से 80 प्रतिशत तथा दोपहर में 45 से 55 प्रतिशत रहने की संभावना है। पूर्वानुमानित अवधि में औसतन 12 से 18 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से पुरवा हवा चलने का अनुमान है। वहीं श‍िवहर जिले में मंगलवार को मौसम सामान्य हैं। हल्की धूप खिली है। आसमान में बादल छाए हुए हैं। हवा भी बह रही है। मौसम विभाग ने अपने पूर्वानुमान में दिन में हल्की से मध्यम वर्षा की संभावना व्यक्त की है। सीतामढ़ी में आसमान में काले बादल छाए हुए हैं। सोमवार शाम कुछ देर के लिए बारिश हुई। उसके बाद से बादल उमड़ घुमड़ रहे हैं। मौसम विभाग ने अपने पूर्वानुमान में वर्षा और वज्रपात की संभावना जताई है।

औसतन 60 फीसदी कम हुई वर्षा

समस्तीपुर में कम वर्षा ने इस बार किसानों की परेशानी बढ़ा दी है। धान की रोपनी धीमी गति से हो रही है। किसान किसी तरह पंप सेट से पटवन कर रहे हैं, लेकिन वह भी नाकाफी साबित हो रहा है। ऐसे में अगर जल्द तेज बारिश नहीं हुई तो परेशानी बढ़ सकती है। कृषि विभाग ने इस बार 75,816 हेक्टेयर में धान की खेती का लक्ष्य रखा है। इस बार वर्षा कम होने के कारण अब तक मात्र 30.92 प्रतिशत ही रोपनी हो पाई है। इस स्थिति में कृषि विभाग भी ङ्क्षचतित है। अधिकारियों का कहना है कि अगर रोपनी नहीं हो पाई तो डीजल सब्सिडी पर विभाग विचार करेगा। साथ ही वैकल्पिक खेती को लेकर भी रणनीति तैयार की जा सकती है।

मौसम की मार से किसान हो चुके हैं हताश

समस्तीपुर प्रखंड के नीरपुर गांव निवासी किसान ललन ङ्क्षसह बताते हैं कि इस बार मौसम की बेरुखी ने किसानों की कमर तोड़ दी है। पटवन कर धान की रोपनी करना संभव नहीं हो पा रहा है। अगर ऐसी ही स्थिति रही तो निश्चित रूप से यह प्रखंड क्षेत्र सुखाड़ की स्थिति में है। कहा कि अगर अब तेज बारिश भी हुई तो धान की रोपनी पिछात होगी। खानपुर निवासी किसान शुभम कुमार ने बताया कि कम वर्षो होने की वजह से काफी परेशानी हो रही है। रोपणी के लिए काफी खर्च बढ़ गया है।

जुलाई में अब तक 130.00 मिलीमीटर हो पाई है बारिश :

मौसम की बेरुखी का सहज इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि जून और जुलाई माह में सामान्य वर्षापात की तुलना में काफी कम बारिश हुई। जुलाई में सामान्य वर्षापात 350.80 मिलीमीटर है, जबकि 24 जुलाई तक मात्र 130.00 मिलीमीटर ही बारिश हो पाई है। इस तरह औसतन 60 प्रतिशत कम बारिश हुई है।

23 हजार 440 हेक्टेयर में हो पाई है धान की खेती

धान के बिचड़े और रोपनी के लक्ष्य के आंकड़ों पर गौर करें तो वह भी काफी पीछे हैं। जिला कृषि पदाधिकारी विकास कुमार ने बताया कि इस वित्तीय वर्ष में 75 हजार 816 हेक्टेयर में धान की खेती करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। जिसमें अब तक महज 23 हजार 440 हेक्टेयर में ही खेती हो पाई है। यानी जिले में मात्र 30.92 प्रतिशत ही धान की रोपनी हो पाई है। जो भी हो तेज बारिश का नहीं होना किसानों को सर्वाधिक परेशान कर रही है। आलम यह है कि हर कोई आसमान की तरफ टकटकी लगाए बैठे हैं।

मौसम तापमान

24 जुलाई

शहर अधिकतम न्यूनतम

मुजफ्फरपुर 32.0 25.0

पटना 33.0 26.0

गया 35.0 26.0

25 जुलाई

शहर अधिकतम न्यूनतम

मुजफ्फरपुर 33.0 26.0

पटना 33.0 26.0

गया 33.0 26.0