मुजफ्फरपुर : बागमती, लखनदेई व मनुषमारा नदी के जलस्तर में चौथे दिन भी वृद्धि जारी है। बागमती कटौंझा में खतरे के निशान से 185 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। जलस्तर में लगातार वृद्धि से बभनगामा पश्चिमी, मधुवन प्रताप, बाड़ा बुजुर्ग, बारा खुर्द ,हरणी टोला , राघोपुर, तरवन्ना, चैनपुर समेत एक दर्जन गाव के लगभग चार सौ परिवार के घरों के अंदर पानी प्रवेश कर गया है। लोग धीरे-धीरे बागमती उत्तरी व दक्षिणी तटबंध पर बने आशियाने में शरण लेने लगे हैं। बभनगामा पूर्वी में एक व बभनगामा पश्चिमी में दो सरकारी नावें चल रहीं हैं। सीओ ज्ञानानंद ने बताया कि संभावित बाढ़ को देखते हुए जिले से नाव की माग की गई है। विस्थापित परिवारों को सरकारी सहायता मुहैया कराई जाएगी।

लखनदेई मचा रही तबाही

प्रखंड के रामखेतारी, राजखंड, रमनगरा, विशनपुर, औराई समेत कई गांवों में लखनदेई तट से ऊपर से गुजर रही है। औराई ,विशनपुर गंगुली, घघरी, राजखंड समेत कई गावों में मक्का व सब्जी की फसलें डूब गई हैं। आलमपुर सिमरी, रतवारा पूर्वी, रतवारा पश्चिमी रामपुर, विशनपुर गोखुल पंचायत में लखनदेई रौद्र रूप में आ गई है। रामपुर शभूता मार्ग पर लखनदेई नदी का पानी चढ़ गया है। इधर, मनुषमारा नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि से धरहरवा व घनश्यामपुर पंचायत के लोग सहमे हैं। सैकड़ो एकड़ में लगी धान की फसलें डूब गईं हैं। रीगा चीनी मिल के दूषित पानी से मनुषमारा का पानी पूर्ण रूपेण दूषित हो गया है। पानी होकर आनेजाने वालों के पैर में खुजली हो रही है। ग्रामीणों ने इससे निजात दिलाने की मांग की है।

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