मुजफ्फरपुर,जेएनएन। बीआरए बिहार विश्वविद्यालय में विभिन्न कक्षाओं में तीन लाख से ज्यादा छात्रों को परीक्षा व रिजल्ट का इंतजार है। ग्रेजुएशन से पोस्ट ग्रेजुएट तक की कई परीक्षाएं या तो विलंब हैं या उनका रिजल्ट रुका है। एक तो सेशन विलंब हो रहा, ऊपर से छात्रों को उनके भविष्य की चिंता सता रही। जिन कक्षाओं में अभी तक पढ़ाई शुरू हो जानी चाहिए, उनका भी बुरा हाल है। स्नातक पार्ट वन में नामांकन के लिए प्रवेश परीक्षा नहीं ली जा रही। लगभग डेढ़ लाख इस परीक्षा के इंतजार में हैं।

स्नातक पार्ट टू, योग व बीसीए की परीक्षा लेकर लगता है विश्वविद्यालय रिजल्ट देना भूल ही गया है। इन कक्षाओं में लगभग एक लाख छात्र हैं। स्नातक पार्ट टू के रिजल्ट में विलंब से छात्र थर्ड पार्ट के लिए फॉर्म नहीं भर पाएंगे। पार्ट टू की परीक्षा चार महीने पूर्व खत्म हुई। कॉपी जांच हो चुकी, मगर टीआर ही बनना शुरू नहीं हो पाया। योगिक डिप्लोमा में फस्र्ट सेमेस्टर की परीक्षा भी पांच माह पूर्व ली जा चुकी, मगर उसका रिजल्ट अधर में है।

बीसीए फस्र्ट सेमेस्टर की परीक्षा 30 दिसंबर, 2018 को खत्म हुई। उसका भी सात माह हो चुका। पर, रिजल्ट नदारद है। योगिक डिप्लोमा में 2016-17 सेशन के छात्रों को माक्र्सशीट अभी तक नहीं मिल पाई है। पीजी 2017-19 सेशन के छात्रों को सेकेंड सेमेस्टर की माक्र्सशीट मिल गई, जबकि फस्र्ट सेमेस्टर की माक्र्सशीट अभी तक अटकी हुई है। यूनिवर्सिटी डिपार्टमेंट और कॉलेजों को टकटकी लगी हुई है।

किसी में फॉर्म भराया तो किसी में टकटकी

एमबीए, बीबीए व बीसीए के विभिन्न सेमेस्टरों के फॉर्म भरवाकर परीक्षा नहीं हो रही। बीएड फस्र्ट ईयर सत्र 2018-20 का भी यही हाल है। स्नातक में नामांकन के लिए प्रवेश परीक्षा 21 जुलाई को ही ली जानी थी, मगर वह भी एक माह से अधिक होने को है। नामांकन 29 जुलाई से और वर्ग संचालन 31 जुलाई से होना था। स्नातक थर्ड पार्ट सत्र 2016-19 का फॉर्म 10 अगस्त तक भरा जाना था। 20 अगस्त से परीक्षा लेने की बात थी। स्नातक सेकेंड पार्ट 2017-20 के लिए परीक्षा फॉर्म भरना प्रारंभ हो जाना चाहिए था। 25 सितंबर से परीक्षा लेने की बात थी।

मगर, इसके लिए भी कोई सुगबुगाहट नहीं दिख रही। नवंबर में रिजल्ट कैसे होगा। स्नातक फस्र्ट पार्ट 2018-21 के छात्र फॉर्म भरने का इंतजार कर रहे। अभी रजिस्ट्रेशन ही अटका हुआ है। स्नातकोत्तर थर्ड सेमेस्टर सत्र 2017-19 का फॉर्म 30 जुलाई तक भराया अब जाकर परीक्षा की तिथि घोषित हुई है। स्नातकोत्तर फोर्थ सेमेस्टर सत्र 2017-19 भी विलंब होने का डर सता रहा है। 10 नवंबर से परीक्षा व 30 दिसंबर को रिजल्ट देने का काम चुनौती भरा है।

पांच साल से एमफिल परीक्षा का इंतजार

डिस्टेंस से एमफिल करनेवाले छात्र-छात्राएं फॉर्म भरकर पांच साल से परीक्षा का इंतजार कर रहे। वर्ष 2014-15, 2015-16 में उनका नामांकन हुआ और फॉर्म भरवाकर विश्वविद्यालय बेफिक्री में है। पिछले साल अक्टूबर में परीक्षा का योग बना और तिथि घोषित हुई मगर पुन: स्थगित भी हो गई। हाइकोर्ट का आदेश भी विश्वविद्यालय नहीं मान रहा। अजय कुमार, दिनेश कुमार, सीताराम कुमार, अनिल प्रसाद, रामप्रीत कुमार केशरी, मो. तुफैल आलम, अमर कुमार, सुदर्शन कुमार साह जैसे अनेक छात्रों ने प्रभारी कुलपति को आवेदन देकर कहा है कि तुरंत परीक्षा नहीं ली गई तो अवमाननावाद दायर करेंगे।  

Posted By: Ajit Kumar

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