मुजफ्फरपुर : जुलाई नजदीक आने के साथ ही नगर निगम की राजनीति तेज हो गई है। कारण निगम में महापौर के खिलाफ अविश्वास की सुगबुगाहट शुरू हो गई है। महापौर विरोधी खेमा चायपार्टी के बहाने पार्षदों की गोलबंदी में लगा है। अपने खेमा के साथ-साथ महापौर खेमा के पार्षदों का मन टटोला जा हा हे। पर्दे के पीछे रणनीति बननी शुरू हो गई है। अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए 17 पार्षदों का हस्ताक्षर चाहिए इसलिए अभियान शुरू हो गया है। वर्तमान बोर्ड में द्वितीय पाली खेल रहे महापौर के कार्यकाल का दो वर्ष 11 जुलाई को पूरा हो जाएगा। तब महापौर के खिलाफ यह प्रस्ताव उनको सौंपा जाएगा। अविश्वास प्रस्ताव लाकर महापौर की कुर्सी हासिल करने के लिए इस बार दो खेमा सक्रिय है। आगे महापौर कौन होगा इसका फैसला पहले न कर दोनों खेमा पहले महापौर सुरेश कुमार को हटाना चाहते हैं। शहर के एक बड़े नेता के घर में इसके लिए शतरंज की बिसात बिछाई जा चुकी है। रविवार को एक पार्षद के घर पर चाय पार्टी के बहाने जुटे आधा दर्जन पार्षदों ने अविश्वास प्रस्ताव लाने को लेकर रणनीति बनाई। उसके बाद बड़े नेता के घर पर इसको कैसे आगे बढ़ाना है इस पर चर्चा हुई।

हालांकि इस प्रस्ताव को लेकर अभी कोई भी खुलकर कुछ बोलने को तैयार नहीं है, लेकिन पर्दे के पीछे खेल शुरू है। अविश्वास की आहट से महापौर खेमा सर्तक हो गया है। विरोधियों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। अंदरखाने से आ रही जानकारी के अनुसार जुलाई के पहले सप्ताह में विरोधी खुलकर सामने आएंगे।

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