मुजफ्फरपुर में कुर्सी शुद्धिकरण का वीडियो वायरल, अब हेडमास्टर की कुर्सी ही गई!
मुजफ्फरपुर के राजकीयकृत शिवनंदन उच्च माध्यमिक विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक ज्ञान प्रकाश को कार्यालय की कुर्सी पर गंगाजल छिड़कने के ...और पढ़ें

मुजफ्फरपुर में वायरल वीडियो की तस्वीर।
HighLights
प्रधानाध्यापक गंगाजल छिड़काव वीडियो पर निलंबित।
कांग्रेस ने मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की।
प्रधानाध्यापक ने इसे सामान्य साफ-सफाई बताया।
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के मुरौल प्रखंड के राजकीयकृत शिवनंदन उच्च माध्यमिक विद्यालय में कार्यालय की कुर्सी पर गंगाजल छिड़कने का वीडियो प्रसारित होने के मामले में शिक्षा विभाग ने कार्रवाई कर दी है।
प्रभारी प्रधानाध्यापक ज्ञान प्रकाश को निलंबित करने के साथ उनका वेतन रोक दिया गया है। अब जिला कांग्रेस कमेटी ने इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। ऐसे में जांच से ही स्पष्ट होगा कि आखिर प्रधानाध्यापक ने कुर्सी पर गंगाजल का छिड़काव किस परिस्थिति में और किस उद्देश्य से किया था।
वीडियो प्रसारित होने के बाद मामला गरमाया
इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित वीडियो में प्रधानाध्यापक हाथ में गिलास लेकर मंत्रोच्चार करते हुए कार्यालय की कुर्सी और आसपास के हिस्से में गंगाजल छिड़कते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद इस गतिविधि को लेकर सवाल उठने लगे। जिला शिक्षा विभाग ने मामले को संज्ञान में लेते हुए कार्रवाई की और प्रकरण की जांच के आदेश दिए।
कांग्रेस ने उठाए सवाल, जांच की मांग
जिला कांग्रेस अध्यक्ष अरविंद कुमार मुकुल ने जिला शिक्षा पदाधिकारी को पत्र भेजकर मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच जरूरी है, ताकि वीडियो के पीछे की वास्तविक परिस्थिति सामने आ सके।
प्रधानाध्यापक ने दी अलग सफाई
इधर, प्रधानाध्यापक ज्ञान प्रकाश ने अपना स्पष्टीकरण विभाग को भेजा है। उन्होंने कहा कि विद्यालय को वह मंदिर की तरह पवित्र मानते हैं और प्रतिदिन स्वस्ति वाचन के साथ कार्य शुरू करते हैं। उनके अनुसार वीडियो उनकी अनुमति के बिना बनाया और प्रसारित किया गया, जो निजता का उल्लंघन है।
कहा- नहीं हुआ था प्रभार हस्तांतरण
प्रधानाध्यापक ने यह भी स्पष्ट किया कि विद्यालय का नियमित प्रभार लगातार उन्हीं के पास रहा है। किसी अन्य व्यक्ति को प्रभार सौंपने की स्थिति नहीं बनी थी। ऐसे में कार्यालय के शुद्धीकरण की बात का कोई आधार नहीं है। उन्होंने वीडियो में दिखाई गई गतिविधि को सामान्य साफ-सफाई का हिस्सा बताया।
अब जांच से खुलेगा पूरा सच
विभागीय जांच में वीडियो की वास्तविकता, उसके बनाए जाने की परिस्थिति, गंगाजल छिड़कने का उद्देश्य और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की पड़ताल की जाएगी। कार्रवाई के बाद अब जांच रिपोर्ट पर सबकी नजर है। रिपोर्ट से ही स्पष्ट होगा कि वीडियो में दिखाई गई गतिविधि की वास्तविक वजह क्या थी और पूरे मामले में किसकी भूमिका रही।
