मुजफ्फरपुर, जेएनएन। बीआरए बिहार विश्वविद्यालय में छह साल बाद हुए पीएचडी एडमिशन टेस्ट (पैट) का रिजल्ट फंसना अब लगभग तय लग रहा है। मौजूदा वीसी डॉ.आरके मंडल ने पूर्व वीसी प्रो.राजेश सिंह द्वारा दिए जाने वाले रिजल्ट को स्वीकार करने से इन्कार कर दिया है। यह भी कहा कि क्या गारंटी है कि रिजल्ट में हेरफेर (मैनीपुलेशन) नहीं किया गया हो। बोले, 3 सितंबर को हमने पदभार संभाला और उसके बाद मिलने वाले रिजल्ट की विश्वसनीयता है भी या नहीं इसपर विचार-विमर्श जरूरी है।

 परीक्षा बोर्ड की बैठक बुलाकर इस मामले को रखा जाएगा। सर्वसम्मति से जो फैसला होगा उसके अनुसार ही अगला कदम उठाया जाएगा। हालांकि, रिजल्ट को स्वीकार करने से इन्कार करने की बात कहकर उन्होंने एक तरह से अपना रुख भी स्पष्ट कर दिया है। यह बात भी कही कि चार्ज देने के एक दिन पहले तक अगर रिजल्ट आ गया रहता तो उसमें हेरफेर की आशंका नहीं रहती।

 उधर, छात्र संगठन भी एक तरह से पुन: परीक्षा के पक्ष में आ गए हैं। यह अलग बात है कि आम छात्रों को ये गवारा न हो। मौजूदा परिस्थितियां और रुख को देखते हुए संदेह जरूर उत्पन्न हो रहा है। वीसी से जब यह पूछा गया कि दोबारा मूल्यांकन कराकर भी रिजल्ट की असलियत का पता लगाया जा सकता है तो उन्होंने कहा कि यह वैधानिक नहीं होगा। 

 पूर्व कुलपति का कहना है कि पैट का मूल्यांकन उन्होंने करा लिया है। रिजल्ट हफ्तेभर में विश्वविद्यालय को सौंप दिया जाएगा। पैट का रिजल्ट उनके जिम्मे था और उन्होंने अपने स्तर से ही सारी व्यवस्था मसलन परीक्षा के आयोजन से लेकर मूल्यांकन तक का जिम्मा उठाया था। इसी बीच उनके हाथ से विश्वविद्यालय का चार्ज छीन लिया गया। इससे रिजल्ट उनके पास रह गया।  

Posted By: Ajit Kumar

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस