मुजफ्फरपुर (जेएनएन)। पटना विश्वविद्यालय की तर्ज पर एजुकेशन में पीएचडी कोर्स स्ट्रक्चर यहां भी लागू होगा। गुरुवार को सिंडिकेट की बैठक में इसपर फैसला होनेवाला है। एकेडमिक काउंसिल से बगैर मंजूरी के इस विश्वविद्यालय में एजुकेशन में अभी तक प्री-पीएचडी कोर्स वर्क कराया जा रहा था। एजुकेशन डीन व तुर्की बीएड कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सुभाष झा ने कहा कि जो प्री-पीएचडी कोर्स वर्क होगा, उसमें अब पटना विश्वविद्यालय का सिलेबस ही लागू होगा। दूसरी ओर, बीएड के सिलेबस में अब इस विश्वविद्यालय में भी मैथिली मैथड लागू होनेवाला है। डीन ने कहा कि अभी तक मैथड के रूप में मैथिली यहां लागू नहीं था तो हमसे इसका प्रस्ताव मांगा गया। बताते चलें कि देशभर के विश्वविद्यालयों में शिक्षक भर्ती के लिए एक जुलाई 2021 से पीएचडी की डिग्री अनिवार्य होनेवाली है।

बिना अप्रूवल चल रहा था कोर्स वर्क

एजुकेशन डीन ने स्वीकार किया कि इस विश्वविद्यालय में बिना अप्रूवल के एजुकेशन में प्री-पीएचडी कोर्स वर्क चल रहा था। इसी लिए इस कोर्स वर्क का सिलेबस हम लोगों ने पटना यूनिवर्सिटी से लिया है। वहीं, कोर्स वर्क अब यहां पढ़ाया जाएगा। डीन ने कहा कि हमने यूनिवर्सिटी से पूछा था कि इसके पूर्व एजुकेशन में जो कोर्स वर्क हुआ है क्या? अगर, वह अप्रूव्ड सिलेबस है तो हमें उपलब्ध कराया जाए। पता चला कि वह सिलेबस एकेडमिक काउंसिल से अप्रूव्ड था ही नहीं। इसी चलते पटना यूनिवर्सिटी का प्री-पीएचडी कोर्स वर्क सिंडिकेट की होनेवाली बैठक के एजेंडे में रखा गया।

यौगिक स्टडीज में पीजी डिप्लोमा कोर्स

एलएस कॉलेज में यौगिक स्टडीज में पीजी डिप्लोमा कोर्स की पढ़ाई के प्रस्ताव पर भी सिंडिकेट की मंजूरी मिलने वाली है। सेल्फ फिनांश स्कीम के तहत चालू सत्र 2018-19 से इस कोर्स में सौ सीट की मंजूरी प्रदान की गई है। आरएन कॉलेज के बाद यह दूसरा कॉलेज है जहां यह कोर्स चालू हो रहा है।

बैचलर ऑफ एलिमेंट्री एजुकेशन कोर्स भी चालू होगा

बैचलर ऑफ एलिमेंट्री एजुकेशन डीएलएड कोर्स भी चालू होने वाला है। इसके ड्रॉफ्ट ऑर्डिनेंस एवं रेग्युलेशन को भी सिंडिकेट से मंजूरी मिलनेवाली है। वरीय शिक्षक डॉ. पंकज कुमार राय ने कहा कि यह कोर्स सबके लिए उपयोगी है। खासकर महिलाओं की बात करें तो हमारे देश में उनके लिए सबसे बेहतर नौकरी मानी जाती है, क्योंकि इसमें ड्यूटी के घंटे कम होते हैं। शिक्षा विकास की कुंजी है और इसलिए इसमें अवसर की भरमार है।

Posted By: Ajit Kumar