मुजफ्फरपुर। औराई प्रखंड अंतर्गत महरौली मौजे में महादलित व अतिपिछड़ा समाज के विस्थापितों द्वारा अवैध कब्जे वाली जमीन पर दो- दो लोगों ने मालिकाना हक जताया है। दोनों पक्षों का उक्त जमीन का दाखिल-खारिज हो चुका है और करंट रसीद भी कट गई है। विवाद को लेकर दो गुटों में हिंसक झड़प होने की संभावना है। दोनों पक्ष एक ही जमीन पर अपना अपना दावा कर रहे हैं। दोनों पक्ष ने दलितों व अतिपिछड़े लोगों पर अवैध तरीके से पाच एकड़ जमीन पर अतिक्रमण कर झोपड़ी बना लेने की शिकायत एसडीओ, सीओ, थाना व डीसीएलार से की है। अमनौर पंचायत के महरौली गाव निवासी अर्जुन सिंह ने दावा करते हुए शिकायत की है कि मेरी जमीन पर महेशवारा पंचायत के चैनपुर गाव निवासी 41 महादलित व अतिपिछड़े परिवार के लोगों ने अवैध तरीके से लाल झडा लगाकर झोपड़ी खड़ी कर दी है। वहीं दूसरे पक्ष के समस्तीपुर जिले अंतर्गत वारिसनगर थाना के गोही गाव निवासी दीपक कुमार ने उसी खाता, खेसरा व रकवा वाली जमीन पर दावा करते हुए अधिकारियों से अतिक्रमणकारियों से जमीन मुक्त कराने की माग की है। इस पक्ष का दावा है कि उक्त जमीन मेरे परदादा भूलन ठाकुर के नाम से 1962 के सर्वे में दर्ज है जिसकी जमाबंदी नं़ 198 है, खाता 240 खेसरा 1572,73,74,75,76,77,1586,1600 मौजे महरौली का दाखिल खारिज व 2017/18 का रसीद भी कटा हुआ है। मेरे दादा के बाद वंशावली के आधार पर मेरे दो भाई दीपक कुमार व सुमन कुमार के नाम से जमाबंदी कायम है, रसीद भी 1962 से लेकर आज तक का है। बता दें कि 25 मई को कुछ लोगों ने लाल झंडा व झोपड़ियां खड़ी कर इसपर कब्जा जमा लिया है। इसके पूर्व गायघाट में दो स्थानों पर निजी जमीन पर कब्जे का प्रयास किया जा चुका है।

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