मुजफ्फरपुर, जासं। मुजफ्फरपुर आई हास्पिटल में आपरेशन के बाद तीन और लोगों की आंख की रोशनी चली गई है। दो ने तो आंखें ही गंवा दी हैं। वहीं, एक की रोशनी कम हो गई है। जिलाधिकारी के आदेश पर अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी ने जांच कर रिपोर्ट सीएस को दी है। सिविल सर्जन डा.यूसी शर्मा ने बताया कि जिलाधिकारी के पास आंख की रोशनी जाने के बाद तीन और लोगों ने मुआवजे की मांग की थी। उनके आवेदन की जांच कराई गई। इसमें दो की आंख की रोशनी चल गई है। वहीं, एक को दिखाई नहीं दे रहा। उसे आइजीआइएमएस, पटना भेजा जाएगा। चिकित्सा पदाधिकारी डा.हसीब असगर व नेत्र रोग विशेषज्ञ डा.नीतू कुमारी ने मरीजों की जांच की।

जांच के बाद यह आयी रिपोर्ट

मुशहरी मणिका विशुनपुर चांद के जुमेराती मियां ने पिछले साल 22 नवंबर को मोतियाबिंद के आपरेशन के बाद आंख खराब होने पर अनुदान की मांग की। जांच टीम ने उनकी दोबारा जांच की। इसमें पाया कि उनकी दाईं आंख का आपरेशन आई हास्पिटल में हुआ। संक्रमण होने पर एसकेएमसीएच में भर्ती किया गया। इसके बाद बेहतर इलाज के लिए आइजीआइएमएस, पटना रेफर कर दिया गया था। टीम ने पाया कि उनकी दाईं आंख की रोशनी पूर्णत: समाप्त हो चुकी है। बाईं आंख में मोतियाबिंद है।

पारू के चैनपुर चिउतला निवासी जैबुन निशा का पिछले साल 16 नवंबर को आपरेशन बाद आंख में संक्रमण हुआ। उनकी शिकायत पर टीम ने जांच की तो उनकी बाईं आंख सामान्य दिखती है। मरीज का विजन जांच करने पर कोई अक्षर नहीं पढ़ पा रही थीं। सी चार्ट भी नहीं बता पा रही थीं। टीम ने उनकी बाईं आंख की रोशनी नहीं होने के कारण की जांच के लिए आइजीआइएमएस पटना रेफर कर दिया। उसकी रिपोर्ट अभी नहीं आई है। पिछले साल 22 नवंबर को पूर्वी चंपारण के पकड़ीदयाल निवासी रामअवध शर्मा की आंख का आपरेशन हुआ था। जांच में मिला कि उनकी दाईं आंख की रोशनी पूर्णत: समाप्त हो चुकी है।

22 नवंबर को 65 का हुआ था आपरेशन

मुजफ्फरपुर आई हास्पिटल में पिछले 22 नवंबर को 65 मरीजों का मोतियाबिंद का आपरेशन हुआ था। इनमें संक्रमण के बाद 19 लोगों की एक-एक आंख निकालनी पड़ी थी। आपरेशन के बाद 31 लोगों की आंख में संक्रमण हुआ था।

Edited By: Ajit Kumar