मुजफ्फरपुर, जासं । कोरोना संक्रमण के चलते लोगों ने बाहर जाने का इरादा छोड़ दिया। मंगलवार को दोपहर में रिजर्वेशन क्लर्क दो घंटे तक बैठे रहे। इस दौरान एक भी यात्री नहीं पहुंचा। सुबह आठ से शाम पांच बजे तक चार रिजर्वेशन काउंटरों पर मात्र 50 टिकटों की बिक्री हुई। वहीं, कैंसिल कराने वालों की संख्या दोगुनी थी। मुंबई, अहमदाबाद, कोलकाता आदि जगहों पर जाने वाले सौ से अधिक लोगों ने अपना टिकट कैंसिल कराकर यात्रा स्थगित कर दी। पैसेंजर ट्रेनों के ही टिकट अधिक कट रहे हैं, लेकिन वह भी पहले से आधे हो गए हैं। 

लॉकडाउन के डर से लौट आए अपने गांव

दरभंगा-अहमदाबाद एक्सप्रेस से मंगलवार को यात्रा पूरी कर गांव लौट रहे तपेश्वर ने बताया कि लॉकडाउन लगने के डर से लौट रहे हैं। वह सीतामढ़ी जिले के निवासी हैं। बताया कि माता-पिता, भाई-बहनों के साथ सूरत में रहकर एक फैक्ट्री में काम करते हैैं। पिछले साल लॉकडाउन में काफी पीड़ा झेलनी पड़ी थी। वह एक फैक्ट्री में कपड़ों पर रंग चढ़ाने डाई करने का काम पूरे परिवार के साथ करते हैैं। उससे अच्छी आमदनी होती है। उसने कहा कि रात को कफ्र्यू रहता है। घर से निकला मुश्किल होता है। फैक्ट्री से आने में रात हो जाती है। इसलिए घर चले आए। कोरोना खत्म होने पर फिर वहीं चले जाएंगे। कांटी के रमेश कुमार ने बताया कि वह मुंबई की जिस फैक्ट्री में काम करते हैं, उसमें प्रत्येक सप्ताह कोरोना की जांच की जाती है। इसके अलावा प्रतिदिन थर्मल स्क्रीनिंग होती है। इसलिए हमलोग कोरोना फ्री हैं। इसके अलावा अन्य रेल यात्री जो बाहर में कमाकर जीवन यापन कर रहे, उनमें अधिकतर का यही जवाब मिला। 

कोरोना से बचाव को प्रशिक्षण

प्रखंड के उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सकरा के प्रांगण में प्रधानाचार्य ओम प्रकाश ने कार्यशाला का उद्घाटन किया। यहां कोरोना से बचाव के लिए आंगनबाड़ी सेविकाओं को प्रशिक्षण दिया गया। आगा खान के मेराज व सुजीत ने प्रशिक्षण दिया। वहीं, चमकी बुखार से बचाव की भी जानकारी दी गई। कार्यशाला में चंदन कुमार, गोविंद कुमार, ज्योति कुमारी, चंद्रवीर, चंद्रमनी आदि मौजूद रहे। 

शॉर्ट मे जानें सभी बड़ी खबरें और पायें ई-पेपर,ऑडियो न्यूज़,और अन्य सर्विस, डाउनलोड जागरण ऐप