मुजफ्फरपुर । बहलखाना प्रभारी के तबादले को लेकर नगर निगम की राजनीति गर्म हो गई। शहर की सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए महापौर सुरेश कुमार एवं नगर आयुक्त संजय दुबे के बीच चली दो घटे की बातचीत में नूर आलम के स्थान पर रामलखन सिंह को बहलखाना प्रभारी बनाने पर सहमति बनी। इसी बीच नूर आलम ने नगर आयुक्त को पत्र लिखकर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया।

इसमें कहा गया है कि नगर आयुक्त ने महापौर को पचास हजार देने की बात कह प्रताड़ित किया। काम में गड़बड़ी का आरोप लगाया जाता है। वह हार्ट के मरीज है। ऐसे में उनके स्वास्थ पर विपरीत प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने अपनी आवाज ऊपर तक ले जाने की बात कहीं है। उधर, नूर आलम के द्वारा लगाए गए आरोप के संबंध में किसी भी प्रकार की जानकारी से महापौर ने इंकार किया है। उन्होंने कहा कि ऐसी कोई बात नहीं। वे नगर आयुक्त से शहर की साफ-सफाई एवं विकास को लेकर पास गए थे। नगर आयुक्त ने भी कहा कि शहर की सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने को लेकर चर्चा हुई। नूर आलम बीमार है। उनसे काम नहीं हो पा रहा था। इसलिए उनकी जगह रामलखन सिंह को प्रभारी बनाया गया है। तबादले के बाद कोई इस तरह का आरोप लगाता है यह अजीब बात है। महापौर को पैसा देने या प्रताड़ित करने वाली बात बेबुनियाद है। यदि कर्मचारी ऐसी हरकत करेंगे तो कोई भी अधिकारी कैसे काम करेगा। महापौर एवं उपमहापौर के साथ उनका कोई विवाद नहीं है। महापौर को हर बात की जानकारी दी जा रही है और उनसे विमर्श कर काम किया जा रहा है।

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