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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 21, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

#AESinMuzaffarpur : एईएस से पीडि़त चार और बच्चों ने तोड़ा दम, अब तक 134 की हाे चुकी मौत Muzaffarpur News

By Ajit KumarEdited By:
Published: Fri, 21 Jun 2019 02:19 PM (GMT+05:30)

मुजफ्फरपुर और आसपास के जिलों में एईएस का कहर जारी है। पीडि़त बच्चों के मरने का सिलसिला थम नहीं रहा। नए मरीजों के आने का क्रम भी बरकरार है।

#AESinMuzaffarpur : एईएस से पीडि़त चार और बच्चों ने तोड़ा दम, अब तक 134 की हाे चुकी मौत Muzaffarpur News
#AESinMuzaffarpur : एईएस से पीडि़त चार और बच्चों ने तोड़ा दम, अब तक 134 की हाे चुकी मौत Muzaffarpur News

मुजफ्फरपुर, जेएनएन। मुजफ्फरपुर और आसपास के जिलों में एक्यूट इंसेफलाइटिस सिंड्रोम (एईएस) का कहर जारी है। पीडि़त बच्चों के मरने का सिलसिला थम नहीं रहा। नए मरीजों के आने का क्रम भी बरकरार है। एसकेएमसीएच में शुक्रवार की सुबह चार और बच्चों की मौत हो गई, जबकि 12 नए मरीजों को भर्ती किया गया। इधर, केजरीवाल अस्पताल में भी दो बच्चों को लाया गया। मरने वाले बच्चों की पहचान शिवानी कुमारी, सोनी खातून, साजिदा खातून और प्रियंका कुमारी के रूप में हुई है।

  इस मौसम में एसकेएमसीएच और केजरीवाल अस्पताल मिलाकर 135 बच्चों की मौत हो चुकी है। वहीं, 502 भर्ती कराए जा चुके हैं। आज सुबह जिलाधिकारी आलोक रंजन घोष एसकेएमसीएच पहुंचे। उन्होंने पीआइसीयू का निरीक्षण कर पीडि़त बच्चों का हाल जाना। यहां बता दें कि मुजफ्फरपुर में एईएस ने 2012 में 120 बच्चों की मौत का रिकॉर्ड तोड़ दिया। एसकेएमसीएच में बुधवार की सुबह पांच बच्चों की मौत के बाद यह आंकड़ा पार हो गया। साल 2012 में 336 को भर्ती कराया गया था।

बीमारी ने 2012 में लिया भयावह रूप

वर्ष 2012 में बीमारी ने भयावह रूप लिया। तीन सौ से अधिक बच्चे बीमार पड़े। इनमें 120 की मौत हो गई। एक साथ इतनी मौत ने सरकार को बेचैन कर दिया। अगले दो वर्षों में मौत का सिलसिला कुछ थमा। मगर, संख्या फिर भी डराने वाली रही।

मौत का आंकड़ा

वर्ष -मरीज -मौत

2010-59-24

2011-121-45

2012-336-120

2013-124-39

2014 -342 -86

2015 -75 -11

2016 -30- 04

2017 -09 -04

2018 -35 -11

2019-502-135

 

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