मुजफ्फरपुर, {अमरेंद्र त‍िवारी}। सिविल सर्जन डा. उमेशचन्द्र शर्मा ने पल्स पोलियो अभियान को लेकर आयोजित मास्टर ट्रेनर प्रशिक्षण में कहा कि विभाग की ओर से जो गाइडलाइन आई है उसमें बताया गया है कि पड़ोसी देश अफगानिस्तान एवं पाकिस्तान में पोलियो वायरस का संक्रमण जारी है। वर्ष 2020 में अफगानिस्तान में 56 एवं पाकिस्तान में 84 तथा वर्ष 2021 में अफगानिस्तान में चार एवं पाकिस्तान में पोलियो का एक मरीज पाया गया था। इस वर्ष 2022 में अभी तक अफगानिस्तान में एक एवं पाकिस्तान में दो पोलियो के मरीज पाए गए हैं। इसको देखते हुए पोलियो संक्रमण का खतरा यहांं भी बना हुआ है। उन्होंने कहा कि 19 जून से पांच दिन तक पल्स पोलियो अभियान चलेगा। इस बार साढे आठ लाख बच्चों को खुराक दी जाएगी।

वहीं, डब्ल्यूूएचओ के एसएमओ डा. आनंद गौतम ने अभियान पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने कहा कि हर पीएचसी के सारे चिकित्सक को मास्टर ट्रेनर ट्रेन‍िंग दी जाएगी। कहा कि दूरदराज के क्षेत्र में रहने वाले, ईंट भ_ा, प्रवासी एवं भ्रमणशील आबादी के बच्चे पोलियो की खुराक लेने वंचित नही रहें, इस पर निगरानी होगी। पांच दिनों के अभियान में दो दिन छूटे बच्चे को खुराक दी जाएगी।

पड़ोसी देश में अब भी पोलियो वायरस

सीएस का कहा कहना है क‍ि विभाग की ओर से गाइडलाइन जारी की गई है। उसमें बताया गया है कि पड़ोसी देश पा‍क‍िस्‍तान व अफगानिस्तान में पोलियो वायरस का संक्रमण फैला है। ऐसा माना जाता है कि जब तक विश्व में कहीं भी पोलियो का संक्रमण है तो राज्य में पोलियो वायरस के फिर आने का खतरा बना हुआ है। इस खतरे से बचाव के लिए उच्च गुणवत्ता के पल्स पोलियो अभियान चलाते रहना अत्यंत जरूरी है। इसके साथ ही नियमित टीकाकरण भी शत प्रतिशत होना चाहिए।

यह बनी रणनीति  

 -दूरदराज के क्षेत्र व ईट भट्ठा, प्रवासी एवं भ्रमणशील आबादी के बच्चे को पोलियो की खुराक लेने वंचित नहीं रहें इस पर होगी निगरानी।

- पांच दिन तक चलेगा अभियान, जो बच्‍चे छूट गए हैं उन बच्चे को दो दिन तक दी जाएगी खुराक।

- टीकाकरण में कोरोना गाइडलाइन का होगा पालन

- हर घर जाकर प‍िलाई जाएगी पल्‍स पोल‍ियो की खुराक।

Edited By: Dharmendra Kumar Singh