मुजफ्फरपुर, जेएनएन। बीआरए बिहार विश्वविद्यालय से जारी होने वाले सभी प्रमाणपत्रों पर अब विद्यार्थियों की तस्वीर भी दी जाएगी। इससे कई फायदे होंगे। कई परीक्षाओं या जॉब के समय फोटोयुक्त माक्र्ससीट और प्रमाणपत्र नहीं होने के कारण विद्यार्थियों को वेरीफिकेशन कराने को कहा जाता था। इससे विद्यार्थियों को विवि का चक्कर भी नहीं लगाना होगा। यह सत्र 2020-23 सत्र से लागू करने की योजना है। विवि में इस दिशा में कार्य शुरू हो गया है।

नकली प्रमाणपत्र पर नकेल की तैयारी

साथ ही विवि की ओर से जारी प्रमाणपत्रों को वाटरप्रूफ पेपर पर प्रिंट किया जाएगा। इससे पानी में गिर जाने या अन्य कारणों से भी इसे नुकसान होने से बचाया जा सकेगा। बता दें कि विवि की ओर से इससे पूर्व सत्र 2016-19 के विद्यार्थियों को इसबार जो प्रोविजनल दिया गया उसमें भी कई सिक्योरिटी फीचर्स एड किए गए थे। इससे प्रोविजनल का डुप्लीकेट तैयार करने से रोका जा सकेगा। परीक्षा नियंत्रक डॉ.मनोज कुमार ने कहा कि फोटो और सिक्योरिटी फीचर्स लगने के बाद नकली प्रमाणपत्र जारी करने वालों पर नकेल कसा जाएगा।

प्रमाणपत्रों में होंगे ये नए फीचर्स

प्रमाणपत्रों में विद्यार्थियों का फोटो लगा होगा। इसके बाईं ओर बार कोड अंकित होगा। इसे स्कैन करते ही विद्यार्थी का पूरा विवरण आ जाएगा। दायीं ओर ऊपर में विवि का सील व नीचे कुलसचिव का डिजिटल हस्ताक्षर होगा। उसके बगल में परीक्षा नियंत्रक का इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षर, टेबुलेटर का मूल हस्ताक्षर प्रमाणपत्र पर अंकित किया जाएगा। बैकग्राउंड में विवि का वाटर मार्क और बीआरएबीयू लिखा होगा। साथ ही प्रमाणपत्र पर रौल कोड और रौल नंबर और विषय भी दर्शाए जाएंगे। 

Posted By: Ajit Kumar

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