शिवहर, जेएनएन। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के तत्वावधान में  शिवहर जेल में जारी चार दिवसीय कार्यक्रम का गुरुवार को विधिवत समापन हो गया। इस दौरान जेल में सजा काट रहे बंदियों को जीवन जीने की कला एवं शांति का पाठ पढ़ाया गया। स्थानीय प्रजापिता ईश्वरीय विश्वविद्यालय के ब्रह्माकुमार एवं ब्रह्माकुमारियों द्वारा बंदियों को जीवन के उद्देश्य से रूबरू कराया गया। जेल में आयोजित इस कार्यक्रम का संचालन नेपाल से आई बीके मनीषा बहन एवं बीके रामाधार जी ने किया। काराधीक्षक सुजीत कुमार झा और जेलर आलोक कुमार सिंह सहित मंडल कारा के अधिकारी और कर्मियों की मौजूदगी में आयोजित ज्ञानवर्धक कार्यक्रम में कर्म को प्रधान बताया गया ।

* फोटो कैप्‍शन- शिवहर : जेल में आयोजित कार्यक्रम के समापन के बाद प्रजापिता ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के सदस्य और जेल के अधिकारी तथा जवान।

 वहीं सत्कर्म की परिभाषा बताई गई । बताया गया कि इंद्रियों का संयम सर्वोपरि है । कहा कि जीवन की अंधी दौड़ में मूल तत्व शांति को लोगों ने को दिया है और उसकी तलाश कहीं अन्यत्र करने में लगे हैं। जबकि शांति खुद के अंदर है इसके लिए चेतना के स्तर को जागरूक व बलवान बनाने की जरूरत है । बताया कि परमात्मा हर कण कण में विद्यमान है बस अपनी वृत्ति और सोच को सकारात्मक करने की देर है फिर एक अदृश्य शक्ति आपको संचालित करने लग जाएगी । इस दौरान योग ध्यान और प्राणायाम की भी विवेचना व अभ्यास कराया गया । चार दिवसीय शिविर के तीसरे दिन पारिवारिक एवं सामाजिक जीवन के महत्व को रेखांकित किया गया । वहीं शांति एवं सुखमय जीवन के सूत्र बताए गए । इस दौरान कैदियों के बीच भी उत्सुकता देखी गई ‌।

Edited By: Murari Kumar