मुजफ्फरपुर। अमर शहीद खुदीराम बोस केंद्रीय कारा में तीसरे दिन भी जेल प्रशासन के मनमानी के विरोध में बंदियों का अनशन जारी है। इस दौरान एक बंदी मो. वसीम की हालत शुक्रवार की शाम अचानक से बिगड़ गई थी। उसके मुंह से खून निकलने लगा। इसे देखते हुए आनन-फानन में एसकेएमसीएच में भर्ती कराया गया था। फिलहाल उसकी हालत स्थिर बनी हुई है। वह विदेश भेजने के नाम पर ठगी करने के मामले में जेल में बंद है। इधर, शनिवार को भी बंदी जेल के भीतर अनशन पर हैं। जेल प्रशासन उन्हें समझाने की कोशिश में लगा है। लेकिन, कोई सुनने को तैयार नहीं है। एसकेएमसीएच में भर्ती बंदी के अनुसार लगभग 80 बंदी अनशन पर बैठे हुए हैं। आरोप है कि जेल प्रशासन उनलोगों के साथ मनमानी पर उतर गया है। जब तक इस समस्या का समाधान नहीं होगा। अनशन जारी रहेगा। बता दें कि दो दिन पूर्व एक कुख्यात बंदी ने जेल का माहौल खराब करने के लिए अन्य बंदियों को उकसाया था। इसके बाद जेलकर्मी और बंदियों के बीच मारपीट की घटना भी हुई थी। पुलिस लाइन से काफी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी। इसी के बाद बंदी अनशन पर बैठ गए। सुत्रों की मानें तो जेल के भीतर से लगातार गांजा, स्मैक और मोबाइल जब्त होने के बाद जेल प्रशासन ने काफी सख्ती बरती। यह एक बंदी को नागवार गुजरा। उसी ने अन्य बंदियों को जेल प्रशासन के खिलाफ भड़काना शुरू कर दिया। शनिवार की सुबह अस्पताल में भर्ती बंदी के मौत होने की अफवाह भी उड़ी। लेकिन, पुलिस अधिकारियों ने इसे अफवाही बताते हुए कहा कि उसकी हालत में सुधार हो रहा है। हालांकि, जेल के भीतर अनशन की बात कोई स्वीकार नहीं कर रहा है। भीतर ही भीतर मामले को सुलझाने का प्रयास किया जा रहा है।

By Jagran