मुजफ्फरपुर, जासं। जिले में स्वास्थ्य विभाग का इंफ्रास्ट्रक्टर मजबूत करने और मरीजों को बेहतर इलाज देने के लिए सरकार ने एक करोड़ 11 लाख रुपये आवंटित किए हैैं। मंगलवार को पटना में सूबे के सभी जिला स्वास्थ्य प्रबंधक की बैठक के बाद आवंटन जारी किया गया है। बताया गया कि कोरोना की तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य सेवाओं में इंफ्रास्ट्रक्चर की कमियों को इससे दूर किया जाएगा। वहीं हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर का भवन, उपकरण व दवाओं की आपूर्ति के साथ सदर अस्पताल, पीएचसी के पुराने भवनों का जीर्णोद्धार भी इससे किया जाएगा। जननी बाल सुरक्षा योजना, आशा का भुगतान, परिवार नियोजन के तहत दी जाने वाली राशि समेत अन्य सरकारी योजनाओं का खर्च भी इसी से किया जाएगा।जिला स्वास्थ्य प्रबंधक बीपी वर्मा ने बताया कि एक करोड़ 11 लाख का आवंटन सरकार से मिला है। इसे विभिन्न योजनाओं के साथ इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने में खर्च किया जाएगा। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष डेढ़ गुना अधिक राशि मिली है। इससे इंफ्रास्ट्रक्चर और मजबूत होगा। साथ ही मरीजों को गुणवत्तापूर्ण इलाज मिल सकेगा।

सुप्रीम कोई की टीम ने किया सदर अस्पताल का निरीक्षण

जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर : सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित चार सदस्यीय टीम ने बुधवार को सदर अस्पताल का निरीक्षण किया। टीम ने सिविल सर्जन डा. विनय कुमार शर्मा को लेकर इमरजेंसी का पहले जायजा लिया। जहां दवा क्या क्या रखी गई है? कितने पारा मेडिकल स्टाफ है और इमरजेंसी में मरीज के आने पर क्या सुविधा मिलती है, इसको देखा। स्वास्थ्य विभाग की ओर से इमरजेंसी में बनाए गए पांच बेड के ट्रामा सेंटर में क्या क्या उपकरण है इसका भी जायजा लिया। इसके बाद आडिट टीम ने सीएस से कई ङ्क्षबदुओं पर जानकारी ली। टीम ने जांच घर, एक्सरे कक्ष, सीटी स्कैन और अल्ट्रासाउंड का निरीक्षण किया। सड़क हादसे में अगर घायल आते हैं तो उसे तुरंत क्या सुविधा मिलेगी, इसकी जानकारी ली । बाद में टीम दवा भंडारण कक्ष पहुंची. जहां दवाओं के स्टाक को देखा। सूत्रों की माने तो टीम को सीएस ने कहा कि उनके यहां मेन पावर की कमी है। कई विभाग में डाक्टर नहीं हैं, सड़क हादसों में जख्मी होने वालों के इलाज की अस्पताल में व्यवस्था है, पर मेन पावर के कारण कुछ परेशानी होती है। दो घंटे तक निरीक्षण करने के बाद टीम निकल गई।

 

Edited By: Ajit Kumar