दरभंगा, जासं। कोरोना का खतरा अभी टला नहीं है। फिर भी लोगों की लापरवाही जारी है। शोधकर्ताओं के अनुसार लोगों की लापरवाही कोरोना की तीसरी लहर को खतरनाक बना सकती है। सावधानी को लेकर चलाए जा रहे तमाम सतर्कता अभियान के बाद भी लोग मास्क और ग्लब्स का उपयोग नहीं कर रहे हैं। इसमें बाजार जाने वाले लोग, ठेले और खोमचे वाले, दुकानदार और ग्राहक बेहद लापरवाह हुए हैं। लोग मास्क के साथ-साथ शारीरिक दूरी के नियमों का पालन भी भूल गए हैं। बाजार में लोग ऐसे टहल रहे हैं कि लॉकडाउन छूट का मतलब उनके लिए कोरोना से मुक्ति हो गई हो। दुकानों पर जुटनेवाली अनियंत्रित भीड़ कभी भी कोरोना संक्रमण को वृहत पैमाने पर फैला सकती है।

कई बच्चे हुए अनाथ

कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में कई बच्चों ने अपने माता-पिता दोनों को खो दिया। छोटी सी उम्र में अपने संरक्षक को खो देने की वेदना से ये बच्चे आज भी उबर नहीं पाए हैं। ऐसे बच्चों की मदद के लिए कई लोग और सरकार मदद के लिए हाथ बढ़ाए। इस तरह की अधिकांश घटनाएं शहर को छोड़कर प्रखंडों में अधिक देखने को मिली। जिनके माता-पिता का देहांत डीएमसीएच के कोरोना वार्ड में हो गया। उसे सरकारी एंबुलेंस से समस्तीपुर जिला भेजा गया। कोरोना वार्ड में उस समय अनाथ बच्चे तड़प रहे थे। उनमें से एक अनाथ बच्चा समस्तीपुर जिला के कल्याणपुर से यहां भर्ती हुआ था। सरकार की ओर से उसे विशेष सुविधा दिलाई गई थी। उस बच्चे के साथ उसकी दादी थी। उसके ठीक होने के बाद उसकी दादी उसे लेकर अपने घर चली गई।

दूसरी डोज के लिए परेशानी नहीं

जिले में कई लोग कोरोना के दूसरे टीके की दूसरी डोज के लिए लोग भटक रहे हैं। आनलाइन स्लाट बुक करने की व्यवस्था समाप्त हो गई है। लाभुक किसी भी टीकाकरण केंद्र पर जाकर टीका लगा सकते हैं। अगर कोई टीकाकरण केंद्र पर जाने में असमर्थ है तो टाल फ्री नंबर पर सूचना देकर टीकाकरण टीम को घर पर बुला सकता है। सभी वार्डों के टीकाकरण केंद्र पर जाकर टीका लगा सकते हैं। जिले में 27 जुलाई तक कुल नौ लाख से अधिक लोगों को टीका लग चुका है। जिले में कुल टीका लगाने का लक्ष्य 27 लाख है। जिला प्रतिरक्षण कार्यालय के सूत्रों के अनुसार जिले में दूसरे डोज वाले की संख्या 25 हजार बताया गया है। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डा. एके मिश्रा ने बताया कि 28 हजार को-वैक्सीन की आपूर्ति 27 जुलाई को हो गई है।