पूर्वी चंपारण, जेएनएन। भारत को नेपाल के रास्ते आने वाले आतंकियों से खतरा है। इस संबंध में सुरक्षा एजेंसियों को जानकारी मिली है। खासकर सीमावर्ती क्षेत्रों के प्रतिष्ठानों पर आतंकी हमले का सबसे अधिक खतरा है। इस इनपुट के मद्देनजर सीमावर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा और सख्त कर दी गई है।

मंगलवार को एसएसबी ने इंडियन ऑयल डिपो और मुख्यपथ का जायजा लिया। कमांडेंट प्रियव्रत शर्मा के निर्देश पर डिप्टी कमांडेंट एम ब्रोजन सिंह और पंकज कुमार ने सदल आइओसी के आंतरिक और बाह्य सुरक्षा का जायजा लिया। इस दौरान डिपो के मुख्य प्रवेश द्वार पर खड़े लोगों और नेपाली नंबर के वाहनों की पार्किंग को उन्होंने सुरक्षा के हिसाब से गलत बताया।

  दिल्ली-काठमांडू को जोड़ने वाली मुख्यपथ पर स्थित रेलवे क्राॅसिंग के बीच और सड़क के किनारे भी जांच की गई। जवानों के सख्त रुख को देखते हुए वहां खड़े वाहन वाले इधर-उधर भागने लगे।

इसके बाद आइओसी अधिकारी सचिन श्रीवास्तव से उन्होंने वर्तमान अलर्ट और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर करीब एक घंटे तक बातचीत की। हालांकि डिपो प्रबंधक ने बताया कि अंदर सब सुरक्षित है। बाहर से सुरक्षा आवश्यक है। इंडियन ऑयल गेट के सामने वाहनों की अवैध पार्किंग से खतरा बताया। उन्होंने कहा कि दीपावली के समय डिपो के आसपास पटाखे जलाए जाते हैं। यह खतरनाक है।

डिपो के अंदर की सुरक्षा व्यवस्था की जांच के बाद एसएसबी के डिप्टी कमांडेंट ने संतोष व्यक्त किया। एसएसबी जवानों को इस क्षेत्र में लगातार जांच करने का आदेश दिया गया है। भारतीय सुरक्षा एजेंसियों को नेपाल के रास्ते भारत में आंतकियों के प्रवेश करने की सूचना मिली है। जिसको लेकर इंडो नेपाल बॉर्डर पर हाई अलर्ट किया गया है। सीमावर्ती ग्रामीण रास्तों पर एसएसबी जवानों ने सघन गश्ती शुरू कर दी है। इस दौरान वाहन जांच की जा रही है। संदिग्ध लोगों पर पैनी नजर रखी जा रही है। आइटी सेल सोशल मीडिया पर लोगों को चिह्नित कर मोबाइल नंबरों पर भी नजर रख रहा है।  

Posted By: Ajit Kumar

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