मुजफ्फरपुर, जेएनएन। शहर का प्रदूषण का स्तर लगातार खराब स्थिति में बना है। मंगलवार को पिछले हफ्ते के मुकाबले हालत थोड़ा जरूर सुधरी है। इंडेक्स वैल्यू दिल्ली और पटना के अपेक्षा 277 पर खिसककर आई है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन केंद्र, मुजफ्फरपुर के अनुसार एयर क्वालिटी खराब स्थिति में बनी हुई है, लेकिन रेड जोन से बाहर है। शाम चार बजे कलेक्ट्रेट कैंपस में अवस्थित प्रदूषण केंद्र से प्रदूषण के स्तर का लिया गया ग्राफ स्थिति में थोड़ा सुधार का संकेत दे रहा है।

वायु गुणवत्ता सूचकांक की अगर हम बात करें तो शहर की आबोहवा खुलकर सांस लेने वाली नहीं रह गई है। प्रमुख प्रदूषक 2.5 है। कार्बन ऑक्साइड, सल्फर डाईऑक्साइड, ओजोन, नाइट्रोजन डाईऑक्साइड, बेंजीन के स्तर का आकलन कर प्रदूषण में बढ़ोतरी का पता लगता है। दिल्ली में इंडेक्स वैल्यू 425 पर पहुंच गई जो अत्यंत गंभीर स्थिति दर्शाती है। वहीं, पटना में ये 300 पर आकर अटकी है।

गौरतलब है कि वायु की गुणवत्ता की माप के लिए एयर क्वालिटी इंडेक्स बनाई गई है। ये वायु की गुणवत्ता को मापती है। बताते हैं कि वायु में नाइट्रोजन डाईऑक्साइड, कार्बन मोनोऑक्साइड और सल्फर डाईऑक्साइड की मात्रा विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा तय मापदंड से अधिक हैं या नहीं।

एयर क्वालिटी इंडेक्स पर टिकी नजर

अन्य इंडेक्स की तरह की ही एयर क्वालिटी इंडेक्स भी हवा की गुणवत्ता बताती है। यह बताती है कि हवा में किन गैसों की कितनी मात्रा घुली हुई है। हवा की गुणवत्ता के आधार पर इसमें 6 केटेगरी बनाई गई हैं। जैसे अच्छी, संतोषजनक, थोड़ा प्रदूषित, खराब, बहुत खराब और गंभीर। जैसे-जैसे हवा की गुणवत्ता खराब होती जाती है, वैसे ही रैंकिंग अच्छी से खराब और फिर गंभीर की श्रेणी में आती जाती है। ये हमें स्वास्थ्य पर उसके पडऩे वाले प्रभावों से अवगत कराता है। लिहाजा, सबकी नजर इसी पर टिकी हुई है।

 

Posted By: Ajit Kumar

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