पश्चिम चंपारण, जेएनएन। टिकट वितरण में कथित तौर पर गड़बड़ी को लेकर भाजपा में जारी असंतोष थमने का नाम नहीं ले रहा है। पश्चिम चंपारण के वाल्मीकिनगर सांसद सतीशचन्द्र दूबे की नाराजगी कम होने के बाद अब बुधवार को बगहा के भाजपा विधायक राघव शरण पांडेय के अंदर का दर्द छलक कर बाहर आ गया। उन्होंने कहा कि उनके साथ प्रदेश नेतृत्व ने वादाखिलाफी की है। वे भाजपा के राज्य नेतृत्व की गतिविधियों से काफी असंतुष्ट हैं। लेकिन, राष्ट्रहित में वे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पुनः पीएम के रूप में देखना चाहते है। वे आज लौरिया में वाल्मीकि विकास मंच की बैठक के दौरान पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि केंद्रीय पेट्रोलियम सचिव के पद से सेवानिवृत्ति के बाद भाजपा के शीर्ष नेताओं की पहल पर ही भाजपा की सदस्यता ग्रहण की थी।

उन्‍होंने कहा उस समय संसदीय चुनाव में टिकट देने का वादा कर उन्हें दल से जोड़ा गया। मगर 2014 में एक साज़िश के तहत रातों-रात टिकट काट दिया गया। फिर इसकी भारपाई का आश्वासन दिया गया। जदयू से अलग होने के बाद भी जनता ने उन्हें विधायक बनाया मगर मंत्रीमंडल में स्थान नहीं दिया गया। फिर 2019 के चुनाव में ब्राह्मण बाहुल्य सीट होने के बावजूद उन्हें टिकट नहीं दिया गया। जबकि 2019 लोकसभा चुनाव की तैयारी करने का निर्देश दिया गया। लेकिन, बिहार भाजपा में शीर्ष नेताओ ने ब्राह्मण एवं भूमिहारों को उपेक्षित रखने के लिए वाल्मिकीनगर सीट को एक साजिश के तहत जदयू के कोटे में दे दिया गया। उन्होंने कहा कि आखिरकार बिहार भाजपा के नेता ब्राह्मणों की उपेक्षा क्यों कर रहे हैं? यह समझ से बाहर है।

 उन्होंने किसी का नाम लिए बगैर कहा कि चुनाव बाद आलाकमान से प्रदेश नेतृत्व की शिकायत जरुर करेंगे। साथ ही यह भी जोड़ा कि इतना ग़म के बाद भी प्रधानमंत्री के पद पर मोदी को बैठाने के लिए हरसंभव कोशिश करेंगे। उन्होंने अपने समर्थकों से एनडीए के पक्ष में कार्य करने की अपील भी की। मौके पर अश्वमेध पीठाधीश्वर स्वामी उपेन्द्र पाराशर, जिला परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष संतोष कुमार राव उर्फ बबलू राव भी मौजूद थे। 

Posted By: Ajit Kumar

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