मुजफ्फरपुर, जेएनएन। 17 फरवरी से शुरू होने वाली मैट्रिक परीक्षा में वीक्षण और मूल्यांकन कार्य नहीं करने वाले शिक्षकों को बर्खास्त किया जाएगा। पंचायती राज विभाग के प्रधान सचिव अमृत लाल मीणा ने डीडीसी, पंचायती राज पदाधिकारी, सभी बीडीओ, सभी प्रमुख व पंचायत समिति सदस्यों को पत्र भेज कर उक्त कार्रवाई का आदेश दिया है।

14 फरवरी को जारी पत्र में उन्होंने कहा है कि जो शिक्षक, वीक्षण और मूल्यांकन कार्य का बहिष्कार करेंगे, उन्हें सेवा से अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित मानते हुए उनके विरुद्ध विधि सम्मत विभागीय और अनुशासनिक कार्रवाई के तहत सेवा से बर्खास्त कर दिया जाए। वहीं कहा है कि कुछ शिक्षक संगठनों के नेता विद्यालय नही जाते है। शिक्षकों के बीच भय और अराजकता उत्पन्न कर माहौल को बिगाडऩे में लगे रहते है। उनकी पहचान कर उन्हें भी बर्खास्त करें।

पंचायती राज विभाग के प्रधान सचिव अमृत लाल मीणा ने कहा है कि 17 फरवरी से मैट्रिक की परीक्षा शुरू होनी है। इस परीक्षा से लाखों बच्चों का भविष्य जुड़ा है, ऐसी स्थिति में बहिष्कार व असहयोग अनुचित है। समय पर परीक्षा और परीक्षाफल घोषित नहीं होने पर बच्चों का भविष्य प्रभावित होगा। उन्होंने कहा है कि बिहार के बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ की अनुमति किसी को भी नही दी जा सकती है। 

किसी भी कार्रवाई के लिए शिक्षक तैयार : मृत्युंजय

पंचायत राज विभाग के प्रधान सचिव के आदेश पर शिक्षक संघर्ष समन्वय समिति संघ में भारी उबाल है। टीईटी, एसटीईटी उत्तीर्ण नियोजित शिक्षक संघ गोपगुट के जिला अध्यक्ष सह बिहार राज्य शिक्षक संघर्ष समन्वय समिति के सदस्य मृत्युंजय कुमार ने कड़ा रोष व्यक्त किया है। शिक्षक जेल या एफआइआर से डरने वाले नहीं। हर हाल में हड़ताल पर जाएंगे और अगर एक भी शिक्षक पर एफआइआर हुआ तो आंदोलन और तेज होगा। 

 

Posted By: Ajit Kumar

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