मुजफ्फरपुर। डीआइजी अनिल कुमार सिंह ने क्राइम कंट्रोल के साथ शराब माफिया व संगीन मामलों के आरोपितों पर नकेल कसने के लिए त्वरित कार्रवाई का निर्देश दिया है। डीआइजी ने मुख्यालय से जारी निर्देशों के आलोक में क्राइम कंट्रोल के साथ तीस बिंदुओं पर कार्रवाई करने को लेकर सभी पुलिस अफसरों को निर्देश दिया है। इसमें एसएसपी कार्यालय समेत सभी थानों में सीसीटीवी कैमरा लगाना सुनिश्चत करना है। सभी थानों में प्रतिदिन कम से कम एक आरोपित की गिरफ्तारी सुनिश्चत करना है। टॉप टेन अपराधियों की सूची बना कर अपराध से अर्जित उसकी संपत्ति का पता लगाकर जब्ती को कहा गया है। थाने पर जाने वाले लोगों के साथ मधुर व्यवहार से पेश आने को कहा गया है।

इन बिंदुओं पर दिए गए थे निर्देश : कांड दर्ज होने के एक सप्ताह के भीतर सभी डीएसपी व एसडीपीओ घटनास्थल पर पहुंचकर पर्यवेक्षण करेंगे।

- दंगा व गंभीर मामलों में पर्यवेक्षी पदाधिकारी को घटनास्थल पर ही टीआइ चार्ट तैयार करें।

- जख्म प्रतिवेदन के अभाव में अगर मामला लंबित है तो फौरन चिकित्सक को पत्राचार करें।

- बेसरा रिपोर्ट प्राप्त करने में किसी तरह की समस्या आती है तो एफएसएल के निदेशक से पत्राचार कर रिपोर्ट प्राप्त करें।

- किसी भी गंभीर घटना के बाद एफएसएल व डॉग स्क्वायड टीम को भी जांच में ले सहयोग।

- स्वीकारोक्ति बयान के आधार पर चार्जशीट दायर करने के बजाय गहन जांच कर आरोप पत्र दायर करें।

- लंबित वारंट व कुर्की का निष्पादन करने के साथ चरित्र व अन्य आवेदनों का भी समय से निष्पादन करें।

- सभी थानेदार, इंस्पेक्टर, एसडीपीओ व डीएसपी अपने कार्यालय में शिकायत पेटी लगाना सुनिश्चत करें।

- शराब मामले किसी तरह की कोताही या संलिप्तता मिलने पर कठोर कार्रवाई की दी गई चेतावनी।

- प्रत्येक शनिवार को भूमि विवाद के मामलों का सीओ के साथ बैठक कर निष्पादन कराया जाए।

- थाना के डोसियर व गुंडा पंजी को अपडेट कर अपराधियों पर नकेल कसे।

- एससीएससी के मामलों में प्रत्येक महीने पांच तारीख तक एसडीपीओ व डीएसपी समीक्षा पूर्ण कर रिपोर्ट भेजे।

- तेजाब हमला से संबंधित मामलों में त्वरित कार्रवाई करते हुए निष्पादन के साथ मुआवजा का प्रस्ताव भेजे।

By Jagran