मुजफ्फरपुर, जेएनएन। बालिका गृह यौन हिंसा मामले में न्यायिक हिरासत में जेल में बंद बाल सरंक्षण पदाधिकारी (सीपीओ) रवि रोशन की तीसरी बार जमानत की अर्जी विशेष पॉक्सो कोर्ट ने शुक्रवार को खारिज कर दी। दो बार नियमित जमानत की अर्जी खारिज होने के बाद उसकी ओर से कुछ दिनों के लिए औपबंधिक जमानत देने की कोर्ट से प्रार्थना की गई थी। यह औपबंधिक जमानत उसे सीएजी विभाग की नौकरी में चयनित होने तथा वहां योगदान देने जाने के लिए मांगी गई थी। उसके अधिवक्ता रघुबीर सिंह ने औपबंधिक जमानत अर्जी स्वीकार करने की प्रार्थना करते हुए कहा यह बस नौकरी ज्वाइन करने के लिए है।

 दूसरी ओर सीबीआइ के विशेष लोक अभियोजक बीके सिंह ने इसका विरोध किया और जमानत नहीं देने की कोर्ट से प्रार्थना की। कोर्ट ने उनकी दलील को स्वीकार कर लिया। वह 24 जून से न्यायिक हिरासत में जेल में बंद हैं। उधर आरोपित संतोष कुमार को एसएससी व बीपीएससी की परीक्षा में शामिल होने के कोर्ट ने अनुमति दे दी है।

तीन अन्य की भी जमानत अर्जी खारिज

न्यायिक हिरासत में जेल में बंद नेहा कुमारी, हेमा मसीह व चंदा देवी की जमानत अर्जी भी विशेष कोर्ट ने खारिज कर दी है। इस सबकी ओर से विशेष कोर्ट के समक्ष जमानत की अर्जी दाखिल की गई थी।

अश्विनी की जमानत अर्जी दाखिल

गुरुवार को न्यायिक हिरासत में जेल भेजे गए अश्विनी कुमार की ओर से शुक्रवार को जमानत की अर्जी दाखिल की गई है। उसके अधिवक्ता सुधीर कुमार ओझा ने इस अर्जी पर बहस शुरू की। विशेष कोर्ट ने सीबीआइ को जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है। इसकी अगली सुनवाई के लिए 14 दिसंबर की तारीख मुकर्रर की है।

बैंक खाता संचालन पर लगी रोक हटी

मुख्य आरोपित ब्रजेश ठाकुर की पत्नी डॉ. कुमारी आशा के बैंक खाता के संचालन पर लगी रोक को कोर्ट ने हटाने की अनुमति दे दी है। सीबीआइ ने उसकी बैंक खाता को फ्रिज कर दिया था। कोर्ट में दाखिल अर्जी में कहा गया था कि वह एक सरकारी स्कूल की शिक्षिका है। उक्त खाता से वेतन की राशि का भुगतान होता है। इसे फ्रिज किए जाने से भारी परेशानी हो रही है। सीबीआइ की ओर से उसके पीपी ने कहा उसे इस पर किसी तरह की आपत्ति नहीं है।  

Posted By: Ajit Kumar