पश्चिम चंपारण, जेएनएन। गन्ना उद्योग मंत्री बीमा भारती ने कहा कि सूबे में बंद पड़ी चीनी मिलों को चालू सरकार चालू कराएगी। बियाडा के माध्यम से चालू कराने का प्रयास किया जा रहा है। जरूरत पड़ी तो उत्तर प्रदेश की चीनी मिलों की तरह इथनॉल और पावर उत्पादन करने वाली मिलों के विकास मॉडल को बिहार में भी अपनाया जाएगा। 

 वे शनिवार को नरकटियागंज चीनी मिल के गेस्ट हाउस में पत्रकारों से बात कर रही थीं। मंत्री ने बताया कि राज्य की 28 चीनी मिलों में 12 चालू हालत में हैं। चालू मिलों की संख्या बढ़े, इस दिशा में सरकार प्रयासरत है। गन्ना किसानों की शिकायतों को लेकर जिले की चीनी मिलों का दौरा जारी है। अधिकारियों और मिल प्रबंधन को इस दिशा में आवश्यक निर्देश दिए जा रहे हैं। गन्ना किसानों का भुगतान समय से हो, इसके लिए सरकार गंभीर है। 

 उन्होंने न्यू स्वदेशी शुगर मिल्स, नरकटियागंज द्वारा किसानों के भुगतान पर संतोष जताया। कहा कि लौरिया चीनी मिल किसानों के भुगतान में काफी पीछे चल रही है। कुछ और चीनी मिलों को भुगतान में तेजी लाने का निर्देश दिया गया है। बताया कि बगहा चीनी मिल की सबसे अधिक शिकायतें किसानों की ओर से मिली हैं। वहां के दो गन्ना क्रय केंद्रों की जांच भी की।

 नौरंगिया और भेडि़हारी लक्ष्मीपुर क्रय केंद्रों पर किसानों के लिए आवश्यक सुविधाएं नहीं पाई गईं। वहां चार से पांच दिनों तक किसानों का गन्ना पड़ा रहता है। समय से तौल नहीं होता है। चालक अपने वाहन के नीचे और अंधेरे में शरण लेते हैं। कोई शेड नहीं बना। बिजली पानी तक की समस्या मिली। भेडि़हारी लक्ष्मीपुर में घटतौली भी पाई गई। मौके पर विधायक विनय बिहारी, कार्यपालक उपाध्यक्ष मनोज कुमार ङ्क्षसह, केन ऑफिसर राम गोङ्क्षवद ङ्क्षसह, उपाध्यक्ष गन्ना विकास कुलदीप ङ्क्षसह ढाका, अधिकारी पीके गुप्ता आदि थे। 

Posted By: Murari Kumar

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस