मुजफ्फरपुर, जेएनएन। बीआरए बिहार विश्वविद्यालय में रविवार को पीएचडी एडमिशन टेस्ट (पैट) के पेपर अंग्रेजी में छपने और उत्तरपुस्तिका के साथ ओएमआर शीट नहीं देने पर परीक्षार्थियों का रविवार को गुस्सा फूट पड़ा। परीक्षा में गड़बड़ी का आरोप लगाकर उत्तेजित परीक्षार्थियों ने न सिर्फ परीक्षा का बहिष्कार किया, बल्कि जमकर तोडफ़ोड़ भी की। बवाल तब खत्म हुआ, जब दूसरी पाली की परीक्षा स्थगित होने की सूचना चस्पा की गई। करीब दो घंटे से अधिक तक विवि परिसर में उग्र प्रदर्शन चलता रहा। 

 रविवार की सुबह 10:30 मिनट पर परीक्षार्थियों का प्रवेश होना था। प्रवेश समय पर हुआ। लेकिन, पेपर के लिए 20 मिनट इंतजार करना पड़ा। एलएस कॉलेज परीक्षा भवन केंद्र पर 11:20 मिनट पर पेपर बंटना शुरू हुआ। छात्रों ने जब पेपर में सभी प्रश्न अंग्रेजी में देखे और उसके बाद कॉपी के साथ ओएमआर शीट नहीं देखी तो भड़क गए। इस पर हंगामा और बवाल शुरू हो गया।

विवि परीक्षा भवन में फाड़े पेपर

परीक्षा बहिष्कार के बाद छात्रों की भीड़ एलएस कॉलेज परीक्षा केंद्र पर पहुंची। वहां भी पेपर व कॉपियों को फाड़कर परीक्षार्थियों को बाहर कराया गया। विवि परीक्षा भवन पर तो जमकर तोडफ़ोड़ की गई। फर्नीचर तोड़ दिए गए। सभी ने विवि प्रशासन विरोधी नारे लगाए। परीक्षा भवन के गेट को भी तोड़ दिया गया।

टायर जलाकर जताई नाराजगी

परीक्षार्थियों ने गड़बड़ी का ठीकरा विवि प्रशासन पर फोड़ते हुए टायर जलाया। उनका कहना था कि आखिर सभी विषयों के प्रश्न अंग्रेजी भाषा में ही क्यों पूछे गए? दूसरा यह कि पैरवी कराने के लिए ओएमआर शीट के बिना ही उत्तरपुस्तिकाएं दी गईं। ताकि, ऊपर का पन्ना हटाकर अंक में जो हेराफेरी करनी हो, कर सकें। अभ्यर्थियों ने विवि परिसर में टायर जलाया। इसके बाद कुलपति आवास का ग्रिल तोड़कर भीतर प्रवेश कर गए।

सभी उपद्रवियों को चिह्नित कर होगी प्राथमिकी : वीसी

पीएचडी एडमिशन टेस्ट में किसी प्रकार की गड़बड़ी नहीं हुई है। परीक्षा को स्थगित कराने के लिए यह बवाल हुआ है। उपद्रवी तत्वों को चिह्नित करने के लिए परीक्षा नियंत्रक बीआरए बिहार विवि और एलएस कॉलेज के प्राचार्य को निर्देश दिया गया है। ताकि, नामजद प्राथमिकी दर्ज कराकर आगे की कार्रवाई की जा सके। यह जानकारी बीआरए बिहार विवि के प्रभारी कुलपति डॉ. राजेश सिंह ने दी। उन्होंने कहा कि घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। मामले की गहन छानबीन कराई जाएगी।

 सोमवार को कुलाधिपति से मिलकर मामले में कार्रवाई करने की अनुमति मांगी जाएगी। उन्होंने कहा कि सिर्फ जनरल नॉलेज का पेपर अंग्रेजी में था। यह पेपर तो सभी अंग्रेजी में दे सकते। ओएमआर शीट ऑनलाइन पेपर या ऑब्जेक्टिव प्रश्नों के जवाब के लिए दिया जाता है।

 वीसी ने कहा कि जिस प्रणाली से बीआरए बिहार विवि में पीएचडी टेस्ट हो रहा था, इसी पैटर्न को पूर्णिया विवि में सफलतापूर्वक लागू किया जा चुका है। सवाल परीक्षा में गड़बड़ी का नहीं, लोगों की मानसिकता में गड़बड़ी का है। इसे ठीक करने की जरूरत है। 

Posted By: Ajit Kumar