मुजफ्फरपुर, जेएनएन। चीन में फैले कोरोना वायरस (Corona Virus) के प्रकोप (Havoc) से बचने के लिए बिहार का एक और छात्र अपनी पढ़ाई छोड़ वतन लौट आया। सिवाईपट्टी थाना क्षेत्र के चतुर्सी गांव के हरेकृष्णा चीन में एमबीबीएस (MBBS) की पढ़ाई कर रहे थे। वे चीन के वुहान जिले में रह रहे थे। बताया कि चाइना (China) में कोरोना वायरस को बढ़ते देख परिजनों ने बुला लिया। क्योंकि वहां की सरकार द्वारा अलर्ट कर दिया गया है। लोगों को अधिक बाहर घूमने से रोक दिया गया है। जरूरत के अनुसार ही लोग बाहर निकलते हैं। वतन लौटते समय चीन के चिकित्सक ने जांच की जिसमें वायरस (Virus) की पुष्टि नहीं हुई है।

पोते को सकुशल देख प्रसन्‍न हुई दादी

बताया कि मेरी जानकारी के अनुसार तीन- चार भारतीय अब भी चीन में ही हैं। कोरोना वायरस का प्रकोप जब चीन में हावी हुआ तो वह जहां रहते थे, वहां के 89 लोग इससे प्रभावित हुए। यूनिवर्सिटी ने कहा कि वापस वतन चले जाएं। इसके साथ ही माता- पिता ने भी वापस बुला लिया। इधर, हरेकृष्णा के पिता राजदेव प्रसाद, माता पूनम देवी ने बताया कि चीन में फैली उस बीमारी के कारण बेटे को वापस बुलाना पड़ा। हालांकि हरेकृष्णा वहां ज्यादातर इंडियन खाना ही खाते थे। दादी दीपा देवी अपने पोते व बहन प्रतिमा कुमारी अपने भाई को सकुशल देख काफी प्रसन्न हुए।

मंगलवार को एसकेएमसीएच में होगा जांच

इधर, चीन से युवक के आने की खबर पाकर मीनापुर पीएचसी प्रभारी डॉ. एके पांडेय अपनी टीम के साथ उसके घर पहुंचे। उनसे आवश्यक जानकारी ली। पीएचसी प्रभारी ने बताया कि मेडिकल जांच के लिए आज ही ले जाया जाता, लेकिन कल कुछ जरूरी काम के कारण हरेकृष्णा नहीं जा सके हैं। अब उनकी जांच मंगलवार को मेडिकल कॉलेज में की जाएगी। पंचायत के मुखिया महानंद राय ने कहा कि मेडिकल जांच जरूरी है ताकि किसी प्रकार का भ्रम या डर न पैदा हो।

Posted By: Murari Kumar

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